एग्जाम स्ट्रेस गोपी की मौत का एक कारण हो सकता है.
बोर्ड के एग्जाम आने वाले हैं. कुछ के शुरू भी हो चुके हैं. और इसके साथ ही शुरू हो गई है टेंशन, एंग्जायटी और स्ट्रेस. आमतौर पर सभी स्टूडेंट्स इस दौर से गुजरते हैं लेकिन एग्जाम, नंबर और सबकी उम्मीदों पर खरे उतरने का दबाव नहीं झेल पाते. तेलंगाना के एक छात्र ने इसी प्रेशर में दबकर इस दुनिया को अलविदा कह गया. एम गोपी राजू येल्लारेड्डीगुडा के न्यू गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ता था. राजू के 12वीं के एग्जाम चल रहे थे. उसने शुक्रवार 1 मार्च 2019 को एग्जाम से पहले छाती में दर्द होने की बात कही. छाती में दर्द होने के बावजूद राजू ने अस्पताल जाने से मना कर दिया. मेडिकल स्टोर से कुछ दवाई ली और पेपर देने चला गया. एग्जाम हॉल में पहुंचते ही राजू गिर गया. अस्पताल ले जाया जहां उसे मरा घोषित कर दिया है. अभी तक मौत की वजह साफ़ नहीं है लेकिन इसे हार्ट अटैक माना जा रहा है. स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि राजू पढ़ने में होनहार था और उसकी मौत से वो हैरान हैं. वहीं राजू के पिता कि अस्पताल पहुंचने में देर के कारण उनके बेटे की मौत हुई है. राजू के पिताजी वेंकट राव रिक्शा चलाते हैं और उनकी मदद करने के लिए राजू अखबार बेचकर परिवार की मदद करता था. घर वालों ने राजू की आंखें दान कर अंतिम संस्कार कर दिया गया. एंग्जायटी के कारण हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. खासकर छोटी उम्र के बच्चों में.
जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं, इसलिए इन बातों पर ध्यान दें- एग्जाम के कारण होने वाली एंग्जायटी से बचा जा सकता है. अगर आपके बच्चे इस बार बोर्ड एग्जाम देने वाले हैं तो उन पर अतरिक्त दबाव ना डालें. ये 7 बातें आपके बच्चे का स्ट्रेस काम कर सकती हैं. 1. लगातार बात करते रहें. एग्जाम का अतरिक्त दबाव लेने से बचाएं. 2. समय से सोएं. अच्छा खाएं. 3. पढ़ने के दौरान ब्रेक ज़रूर लें. 4. एग्जाम के दिन समय से एग्जाम हॉल में पहुंच जाएं. ये मनोवैज्ञानिक तौर पर दबाव काम करने का काम करेगा. 5. खूब पानी पिएं. पढ़ाई का टारगेट पूरा होने पर खुद को ट्रीट दें. 6. स्ट्रेस के कुछ लक्षण:
- क्रैम्प्स आना
- गला सूखना
- सरदर्द
- दिल की धड़कन तेज होना
- जी घबराना
- एकाग्र होने में समस्या
7. एक आखिरी बात पढ़कर ज़रूर जाएं. सब कुछ नहीं पढ़ा जा सकता फिर भी जो मेन टॉपिक हैं उनको ज़रूर कवर करें. इससे कॉन्फिडेंस आएगा जो स्ट्रेस नहीं होने देगा.
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