The Lallantop

कंपनी के सर्विस सेंटर में फोन देने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा

एक लड़की ने सबूतों के साथ सैमसंग सर्विस सेंटर की पोल खोल दी.

Advertisement
post-main-image
इस बेहूदगी के शिकार हम भी हो सकते हैं. इसीलिए कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी चाहिए. जब आप फोन बनने के लिए दुकाने में दे आते हैं, तो आपको क्या पता कि वो इंसान आपकी तस्वीरों और बाकी डेटा का क्या करेगा? कोई भी इंसान आपकी पर्सनल चीजों को देखे, ये आपको पंसद भी नहीं आएगा. इसीलिए अगली बार जब फोन बनने के लिए सर्विस सेंटर में दें, तो कुछ बातों का जरूर ख्याल रखें.
मेरे स्कूल जाने के रास्ते में एक रेलवे क्रॉसिंग था. वहां लिखा था- सर्तकता हटी, दुर्घटना घटी. ये सतर्कता बस रेलवे क्रॉसिंग पर नहीं बरतनी चाहिए. बाकी जगहों पर भी इस सीख का इस्तेमाल करना चाहिए. जैसे, ये वाली बात. जब फोन खराब हो जाता है, तो क्या करते हैं? ठीक करवाने के लिए मोबाइल मैकेनिक को दे आते हैं. सर्विस सेंटर जाते हैं. बहुत कम ही ऐसा होता होगा कि गए और हाथोहाथ ठीक होकर फोन मिल जाए. ज्यादातर तो फोन वहीं छोड़कर आना पड़ता है. दो-तीन दिन बाद मिलता है. क्या आप भी ऐसा ही करते हैं? अगर हां, तो बहुत गलत करते हैं. ये असावधानी बड़ी परेशानी में डाल सकती है. आप पूछेंगे कैसे? जवाब इस खबर में छुपा है. लंदन में रहने वाली एक महिला का अनुभव पढ़िए और सबक सीखिए.
लंदन में एक इलाका है. ब्रॉम्ले. वहां एक 28 साल की लड़की रहती है. उसका फोन खराब हो गया. स्क्रीन में कुछ खराबी आ गई थी. सैमसंग का फोन था, तो वो सैमसंग के स्टोर में फोन बनने के लिए दे आई. लड़की अब ये कह रही है कि स्टोरवालों ने उसके फोन में सेंधमारी की. उसकी एकदम पर्सनल तस्वीरें देखीं.
हममें से ज्यादातर लोग बुनियादी सावधानी नहीं बरतते हैं. और यहीं हम गलती कर जाते हैं. फोन में रखी पर्सनल चीजों में कोई और सेंधमारी न कर पाए, इस बात का ध्यान तो रखना ही चाहिए. खासकर तब जब आप अपना फोन मरम्मत के लिए देकर आते हैं.
हममें से ज्यादातर लोग बुनियादी सावधानी नहीं बरतते हैं. और यहीं हम गलती कर जाते हैं. फोन में रखी पर्सनल चीजों में कोई और सेंधमारी न कर पाए, इस बात का ध्यान तो रखना ही चाहिए. खासकर तब जब आप अपना फोन मरम्मत के लिए देकर आते हैं.

फोन खराब हो गया था, ठीक करवाने के लिए सर्विस सेंटर गई थी लड़की के मुताबिक, सर्विस सेंटर के स्टाफ ने उसको फोन अनलॉक करने कहा. अनलॉक माने फोन का ताला खोलने को बोला. ये तो समझ आता है. अनलॉक किए बिना फोन ठीक कैसे करते. फिर स्टोरवालों ने उसे उसका मेमरी कार्ड और सिम कार्ड लौटा दिया. ये सब हुआ दोपहर करीब पौने तीन बजे. लड़की फोन देकर चली आई. फिर शाम 5 बजे के करीब सर्विस सेंटर की तरफ से उसके पास मेल आया. जिसमें लिखा था कि फोन ठीक हो गया है. आकर ले जाओ. लड़की शाम 05.15 बजे फोन लेने स्टोर पहुंची. उस शाम को जब वो घर गई, तो उसने फोन पर अपनी गैलरी देखी. रिकॉर्ड के मुताबिक, उस दिन दोपहर करीब पौने चार बजे उसने अपनी प्राइवेट तस्वीरें देखी थीं. ये तस्वीरें क्लाउड (इंटरनेट पर आपका गोदाम, जहां फोटो और फाइल वगैरह जमा रख सकते हैं) पर भी अपलोड की गई थीं. जब ये सब हुआ, तब तो उसका फोन सर्विस सेंटर में था. कोई और फोन भी नहीं था उसके पास कि गलती से वो गैलरी देख ले. उसने आरोप लगाया है कि ये हरकत सर्विस सेंटर वालों की है. क्योंकि उनके पास ही फोन था. वो भी अनलॉक्ड.
ऐंडरॉयड फोन गूगल पावर्ड होते हैं. आप फोन पर क्या कर रहे हैं, किस डिवाइस से लॉग इन कर रहे हैं, सबकी खबर गूगल के पास होती है. इसी गूगल ऐक्टिविटी की मदद से ब्रिटेन की इस लड़की का शक यकीन में बदला.
ऐंडरॉयड फोन गूगल पावर्ड होते हैं. आप फोन पर क्या कर रहे हैं, किस डिवाइस से लॉग इन कर रहे हैं, सबकी खबर गूगल के पास होती है. इसी गूगल ऐक्टिविटी की मदद से ब्रिटेन की इस लड़की का शक यकीन में बदला.

सबूत क्या कहते हैं? जैसा कि होता है, इस लड़की के फोन में कई टाइप की तस्वीरें थीं. मंगेतर के साथ. दोस्तों के साथ. जानवरों के साथ. जिसने देखा, उसने बाकी तस्वीरों पर नजर भी नहीं फेरीं. बस प्राइवेट फोटो देखे. जो कि बहुत ही ज्यादा प्राइवेट थे. इतना ही नहीं. लड़की ये भी कह रही है कि उसके और उसके मंगेतर के बीच वॉट्सऐप पर हुई बातचीत को भी स्टोरवालों ने पढ़ा. ये वॉट्सऐप वाली बात ऐसे पता चली कि लड़की के मंगेतर ने उसी दिन दोपहर में उसको एक मैसेज भेजा था. 03.28 मिनट पर उस मैसेज में दो नीले रंग के टिक मार्क नजर आए. ऐसा तब होता है, जब सामने वाला आपका भेजा मैसेज पढ़ लेता है. लड़की कह रही है कि इतने बजे तो मेरा फोन सर्विस सेंटर में था. जाहिर है, उन्होंने ही पढ़ा होगा. इसके अलावा एक और सबूत भी है लड़की के पास. गूगल पर आप जितना टाइम खर्च करते हैं, उसका पूरा कच्चा-चिट्ठा होता है. इसको 'गूगल ऐक्टिविटी' बोलते हैं. आपने कौन से फोन से कहां लॉग-इन किया, क्या देखा, सबका हिसाब रखता है गूगल. लड़की ने जब अपनी गूगल ऐक्टिविटी देखी, तो मालूम चला कि उसी दिन शाम करीब 4.18 बजे उसके सैमसंग फोन ने उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को खोला गया था.
वॉट्सऐप पर जब आप किसी को मैसेज भेजते हैं और सामने वाला उसे पढ़ लेता है, तो आपको उस मैसेज के आगे दो नीले निशान दिखते हैं. ये इस बात का सबूत हैं कि आपका मैसेज न केवल डिलिवर हुआ है, बल्कि पढ़ा भी जा चुका है.
वॉट्सऐप पर जब आप किसी को मैसेज भेजते हैं और सामने वाला उसे पढ़ लेता है, तो आपको उस मैसेज के आगे दो नीले निशान दिखते हैं. ये इस बात का सबूत हैं कि आपका मैसेज न केवल डिलिवर हुआ है, बल्कि पढ़ा भी जा चुका है.

जब फोन बनवाने जाएं, तो इन बातों का ख्याल रखें लड़की बहुत परेशान है. गुस्सा भी है. ये स्वाभाविक है. आप सर्विस सेंटर में फोन बनने के लिए देकर आएं और वहां कोई इंसान ऐसी घटिया हरकत करे, तो गुस्सा तो आएगा ही. वो इंसान आपकी तस्वीर के साथ क्या-क्या करेगा, ये भी आप नहीं जानते. ये एहसास बहुत लाचारी देता है. लड़की बहुत रोई. शिकायत करने पर सैमसंग स्टोर ने कहा कि चाहो तो मुआवजा ले लो. जितने रुपये में फोन की मरम्मत करवाई है, वो पैसा वापस ले लो. इतना बोला, मगर माफी नहीं मांगी. लड़की ने हार नहीं मानी है मगर. अड़ी हुई है. कि जिसने गलत काम किया है, उसका करनी का पर्दाफाश हो. जरूरी नहीं कि खुद से गलती करके ही इंसान सबक सीखे. औरों की भूल-चूक से भी खूब सीखा जा सकता है. इस वाकये से सीख लीजिएगा और अगली बार जब फोन बनने के लिए दुकान/सर्विस सेंटर पर दें, तो अपनी निजी चीजों की हिफाजत का पूरा इंतजाम कर लीजिएगा. गैलरी जैसी पर्सनल चीजों को पासवर्ड के प्रोटेक्ट कर लीजिएगा. फेसबुक वगैरह से लॉग आउट करना, वॉट्सऐप पर ताला लगाना, इन बातों का भी ध्यान रखिएगा.


ये भी पढ़ें: 
वॉट्सऐप पर किसी को 'गुड मॉर्निंग' भेजने से पहले जान लो कि ये कितना खतरनाक है

सबसे बड़े भूकंप की बरसी पर फिर आया भूकंप, अब सुनामी भी आएगी.

दो घंटे पहले पैदा हुई बच्ची का रंग बदलता देखकर कचरे के डिब्बे में फेंका आया



फ़ेक फेसबुक आईडी बनाएं तो ये गलतियां न करें

Advertisement
Advertisement