प्रियंका चुनाव लड़ने के लिए तैयार इंडिया टुडे को सूत्रों से जानकारी मिली है कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी में पीएम मोदी के खिलाफ विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार हो सकती हैं. प्रियंका गांधी खुद कह चुकी हैं कि पार्टी कहेगी तो वह चुनाव लड़ेंगी. जहां से पार्टी चाहेगी वहां से चुनाव लड़ेंगी. अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से मजाक में पूछा था कि वाराणसी से चुनाव लड़ जाऊं क्या. हालांकि यह सिर्फ मजाक नहीं था. इसके मायने बहुत गंभीर हैं. राजनीतिक विश्लेषक प्रियंका के इस मजाक का निहितार्थ ढूंढने लगे हैं. यह कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ सकती हैं. चर्चा है कि वाराणसी से प्रियंका गांधी कांग्रेस और महागठबंधन की संयुक्त उम्मीदवार हो सकती हैं.
जानबूझकर फैलाई जा रही है खबर इंडिया टुडे को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रियंका गांधी के वाराणसी से चुनाव लड़ने की खबर जानबूझकर फैलाई जा रही है. इसके पीछे कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का मकसद पूर्वांचल में अपने संगठन को मजबूत करने के साथ ही सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को मैसेज देना है. अगर प्रियंका, मोदी के खिलाफ मैदान में उतरती हैं तो पूरे प्रदेश में मैसेज जाएगा कि बीजेपी और पीएम मोदी का मुकाबला कांग्रेस कर रही है. अब गेंद गठबंधन के पाले में है कि वह प्रियंका के पीछे खड़े होकर वाराणसी में पीएम मोदी को घेरने की कोशिश करता है या फिर लड़ाई को त्रिकोणीय बनाता है.

प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ने को तैयार है.
यही कारण है कि प्रियंका गांधी वाड्रा खुलेआम ये कह चुकी हैं कि पार्टी जहां से चाहेगी वह चुनाव लड़ेंगी. तीन दिनों में वो तीन बार चुनाव लड़ने की बात कह चुकी हैं. अपनी अयोध्या की यात्रा के दौरान एक पत्रकार ने उनसे वाराणसी से चुनाव लड़ने के बारे में पूछा था. इस सवाल का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा था कि अगर पार्टी चाहेगी मैं कहीं से भी चुनाव लड़ने को तैयार हूं.

2014 में पीएम मोदी को मिले थे 5 लाख से ज्यादा वोट
गठबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार कांग्रेस महागठबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है.कांग्रेस को लगता है कि अगर प्रियंका गांधी विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार के रूप में पीएम मोदी के सामने उतरती हैं तो वह कड़ी टक्कर दे सकती हैं. इसके पीछे कांग्रेस के अपने तर्क हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को 5,81,122 वोट मिले थे. वहीं अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के अजय राय,बीएसपी के विजय प्रकाश को 3,45,431 वोट मिले थे. पीएम मोदी को मिले वोटों और विपक्ष को मिले वोटों का अंतर दो लाख से ज्यादा था. कांग्रेस का मानना है कि अगर विपक्ष पीएम मोदी के खिलाफ संयुक्त उम्मीदवार उतारता है तो मोदी की परेशानी बढ़ सकती है. अगर वाराणसी की लड़ाई प्रियंका गांधी और पीएम मोदी के बीच हुई तो यह दिलचस्प लड़ाई होगी.
प्रियंका गांधी ने चुनाव लड़ने के सवाल पर साफ-साफ जवाब दिया है-























