हरियाणा बमचक प्रदेश बना पड़ा है. आरक्षण के लिए जाट बिरादरी जमीन आसमान एक किए पड़ी है. लॉ एंड ऑर्डर का धुंवा निकल गया है. पुलिस कंट्रोल करने में नाकाम हो रही है. चहुंओर माहौल आग बना हुआ है. कई जिलों में मोबाइल और इंटरनेट सर्विस रोक दी गई है. सैकड़ों ट्रेनें रद्द हो गई हैं. भयंकर अफरा तफरी है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि पूरा मामला क्या है. जाट आंदोलनकारी अपनी बिरादरी के लिए रिजर्वेशन मांग रहे हैं. एजूकेशन और नौकरियों में. और पूरी बात क्या है ये अच्छे से समझो. टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार ने छापा है. जो नहीं जानते वो यहां पढ़ लें.कौन हैं जाट ज्यादातर लोगों के दिमाग में ये खयाल बैठ गया है कि जाट पिछड़ी सोच के होते हैं. उत्तर भारत की ये जाति खेती पर गुजर करती है. इसके अलावा फौज और पुलिस में सबसे ज्यादा इसके जवान हैं. CM ने क्या ऑफर किया स्पेशल बैकवर्ड क्लास कोटा, वो भी आर्थिक हालत पर. क्यों नकारा जाटों ने इनका कहना है कि हम OBC का दर्जा लेंगे और उनके बराबर फुल आरक्षण लेंगे. काहे कि हरियाणा में 29 परसेंट आबादी है इनकी. पॉलिटिकल और फाइनेंसियल रूप से अच्छे भले हैं. पढ़ लिख भी रहे हैं. OBC दर्जा पाने के बाद सरकारी नौकरी में 27 परसेंट चांसेज बढ़ जाएंगे न. जाट कोटे पर सुप्रीम कोर्ट की बात सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इकलौती जाति को रिजर्वेशन देना बनता ही नहीं है. अगर हरियाणा जाटों को 27 परसेंट आरक्षण देता है तो मौजूदा OBC 27%+ SC और ST 22% में से SC का 50 परसेंट आऱक्षण गड़बड़ा जाएगा.

Source: PTI
कब से चल रहा है झगड़ा जाटों की OBC कोटे में आने के लिए जंग टल रही है 1991 के बाद से. वीपी सिंह की मंडल रिपोर्ट जारी होने के बाद.
1997 में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में उनकी मांग नेशनल कमीशन ने रिजेक्ट कर दी.
2002 में एक पैनल बना. जाटों के पिछड़ेपन का सर्वे करने के लिए. 6 प्रदेश थे जिनमें ये प्रोग्राम चला, हरियाणा और यूपी भी थे इनमें. हरियाणा से सर्वे में निकला कि भाया ये सब बड़े आदमी हैं. बड़ी जाति वाले. गरीब नहीं हैं.
2005 में कांग्रेस से भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जनता से वादा किया कि हमको जिताओ, हम दिलाएंगे आरक्षण. और वो जीत गए.
2014 में हुड्डा ने जाटों के साथ चार और जातियों को स्पेशल कोटे में रखा 10 परसेंट आरक्षण के लिए.
जुलाई 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने यह कोटा रिजेक्ट कर दिया और हाईकोर्ट ने इसको बंद कर दिया.
मार्च 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार का वो आदेश निरस्त कर दिया जिसमें 9 प्रदेशों के जाट OBC में आ रहे थे. ये प्रदेश थे हरियाणा, बिहार, गुजरात, हिमांचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, यूपी और उत्तराखंड. शुक्रवार को कैसे बवाल शुरू हुआ 1: आंदोलनकारी घुस गए स्टेट मिनिस्टर कैप्टन अभिमन्यु के घर में. घर जलाने की कोशिश की और उनकी कारें फूंक दीं.
2: रोहतक दिल्ली बाईपास रोड ब्लॉक किए हुए थे वो लोग. पुलिस ने फायरिंग की जिसमें एक आदमी मर गया. फिर तो भीड़ ने एक पुलिस की गाड़ी फूंक दी और की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
3: हाइवे जाम, ट्रेनें बंद. एमपी, राजस्थान आने जाने का हर रास्ता बंद.
4: हरियाणा से गुजरने वाली 40 ट्रेनें दो दिन के लिए रद्द कर दी गईं.
5: आठ जिलों में मिलिट्री बुलाई गई.
6: बस सर्विस बंद है. स्कूल बंद हैं. जरूरी चीजों की सप्लाई बंद है. फोन इंटरनेट सब बंद.

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