The Lallantop

अचानक हिंदी में ट्वीट क्यों करने लगे इमरान खान?

कश्मीर का रोना रो रहे हैं, वो भी शुद्ध हिंदी में.

Advertisement
post-main-image
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Reuters)
भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के बाद पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान को शांति वाला नोबेल प्राइज देने की मांग की जा रही है. पाकिस्तान की संसद में भी इमरान को नोबेल पीस प्राइज देने की मांग उठी थी. भारत के साथ जो टेंसन चल रही है उसे कम करने का जो उन्होंने 'लेटेस्ट प्रयास' किया है उसके मद्देनजर ये मांग की जा रही है. इस पर इमरान खान ने अभी तक कुछ नहीं कहा था. 4 मार्च को इमरान खान ने अपने ट्विटर पेज पर इंग्लिश और फिर उर्दू में किए-
मैं नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य नहीं हूं. इस योग्य व्यक्ति वह होगा जो कश्मीरी लोगों की इच्छा के अनुसार कश्मीर विवाद का समाधान करता है और उपमहाद्वीप में शांति और मानव विकास का मार्ग प्रशस्त करता है.
 
स्क्रीनशॉट: Twitter/ImranKhanPTI
स्क्रीनशॉट: Twitter/ImranKhanPTI

इसके बाद इमरान खान जिस PTI पार्टी (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़) से ताल्लुक रखते हैं, उसके ऑफिसियल हैंडल से भी ट्वीट किए गए. उर्दू और हिंदी भाषा में वही ट्वीट किए गए लेकिन...
स्क्रीनशॉट: Twitter/PTIofficial
स्क्रीनशॉट: Twitter/PTIofficial

स्क्रीनशॉट: Twitter/PTIofficial
स्क्रीनशॉट: Twitter/PTIofficial

लेकिन ये कि PTI के हैंडल से हिंदी में भी ट्वीट किया है और यह भारतीयों तक पहुंचने का रास्ता बताया जा रहा है. PTI ने जब उर्दू में ट्वीट किया तो हैशटैग #NobelPeacePrizeForImranKhan का इस्तेमाल किया. एक ओर इमरान खान नोबेल पीस प्राइज नहीं लेने की बात कह रहे हैं तो दूसरी ओर उनकी ही पार्टी वही बात लिखते हुए इमरान खान को नोबेल प्राइज का हैशटैग लगा रही है. इससे एक बहुत मशहूर गाना याद आता है- छुपाना भी नहीं आता, जताना भी नहीं आता हमें तुम से मोहब्बत है, बताना भी नहीं आता... आप भी सुनिए...



वीडियो- अभिनंदन को IAF अधिकारियों तक पहुंचाने वाली इस महिला के बारे में जान लीजिए

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement