मैं नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य नहीं हूं. इस योग्य व्यक्ति वह होगा जो कश्मीरी लोगों की इच्छा के अनुसार कश्मीर विवाद का समाधान करता है और उपमहाद्वीप में शांति और मानव विकास का मार्ग प्रशस्त करता है.

स्क्रीनशॉट: Twitter/ImranKhanPTI
इसके बाद इमरान खान जिस PTI पार्टी (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़) से ताल्लुक रखते हैं, उसके ऑफिसियल हैंडल से भी ट्वीट किए गए. उर्दू और हिंदी भाषा में वही ट्वीट किए गए लेकिन...

स्क्रीनशॉट: Twitter/PTIofficial

स्क्रीनशॉट: Twitter/PTIofficial
लेकिन ये कि PTI के हैंडल से हिंदी में भी ट्वीट किया है और यह भारतीयों तक पहुंचने का रास्ता बताया जा रहा है. PTI ने जब उर्दू में ट्वीट किया तो हैशटैग #NobelPeacePrizeForImranKhan का इस्तेमाल किया. एक ओर इमरान खान नोबेल पीस प्राइज नहीं लेने की बात कह रहे हैं तो दूसरी ओर उनकी ही पार्टी वही बात लिखते हुए इमरान खान को नोबेल प्राइज का हैशटैग लगा रही है. इससे एक बहुत मशहूर गाना याद आता है- छुपाना भी नहीं आता, जताना भी नहीं आता हमें तुम से मोहब्बत है, बताना भी नहीं आता... आप भी सुनिए...
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