मोहम्मद अफज़ल नायकू लखनऊ की सड़क पर चादर बिछा ड्राई फ्रूट्स बेचते हैं. 6 मार्च को दोपहर बाद दो गुंडे अफज़ल की दुकान पर पहुंचे और उनसे मारपीट शुरू कर दी.

गुंडों से छुड़ाने की कोशिश करने वाले जफ़र.
लखनऊ में जब कश्मीरी पीटे जा रहे थे, तब जफ़र रिज़वी ने उन लोगों को बचाने की कोशिश की. जफ़र के फेसबुक पेज के मुताबिक वह लखनऊ में ही रहते हैं और बैंक ऑफ इंडिया में काम करते हैं. इन्होंने फेसबुक अकाउंट डिलीट करने की बात कही है क्योंकि इंटरव्यू के लिए लगातार आ रहे कॉल से परेशान हो चुके हैं. कश्मीरी लोगों को बचाने के बाद 6 मार्च की रात इन्होंने फेसबुक पर लिखा- जब नज़र में ख़ुदा हो तो "अच्छा काम" अपने आप हो ही जाता है, कुछ करने की ज़रूरत नही पड़ती. 😊😊😊

जफ़र ने फेसबुक पर जो लिखा
जब लोग सोशल मीडिया पर जफ़र की तारीफ करने लगे तो उन्होंने लिखा- अल्लाह मेहरबान तो "मोटा गधा" भी पहलवान.. जैसे मैं... 😊😊😊. जफ़र ने यह भी लिखा कि भइय्या हम कोई Hero Pero नही हैं. अगर अच्छा काम था तो बस ऊपर वाला क़बूल कर ले.
ऐसा नहीं कि जफ़र ने हीरो की तरह पीटने वाले गुंडों की पिटाई कर दी. लेकिन ऐसे मौकों पर ऐसे गुंडों को रोक देना, उनसे सवाल करना ही काफी होता है. जफ़र ने वही किया और भले ही वो खुद को हीरो न मानें, लोग मान रहे हैं.
वीडियो- संतकबीर नगर: पिटने वाले विधायक ने सांसद से झगड़े का कारण बताया है






















