WHO के अनुसार, एक्सपायर होने के बाद भले ही वैक्सीन प्रतिरक्षा उत्पन्न ना करे, लेकिन असुरक्षित नहीं होती. (प्रतीकात्मक तस्वीर: इंडिया टुडे)
देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के बीच वैक्सीनेशन से जुड़ी बड़ी खबर आई. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार 17 सितंबर को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविड वैक्सीन कोवोवैक्स को अपनी आपातकालीन टीकों की सूची में शामिल कर लिया. यानी अब इस वैक्सीन को भी कोविड-19 महामारी से निपटने में इस्तेमाल किया जा सकता है. सीरम इंस्टीट्यूट ने WHO के इस कदम की जानकारी दी है. कंपनी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा,
कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग के लिए WHO की मंजूरी मिल गई है. इससे कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी.
इंडिया टुडे में छपी ख़बर के अनुसार एक प्रेस विज्ञप्ति में WHO ने कहा है,
आज विश्व स्वास्थ्य संगठन ने NVX-CoV2373 के लिए एक आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) जारी की है. वायरस के खिलाफ WHO मान्य टीकों को बढ़ावा दे रहा है.
उधर, SII के सीईओ अदार पूनावाला ने भी इसकी जानकारी ट्वीट कर दी. उन्होंने WHO से वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी मिलने पर खुशी जाहिर की. लिखा,
ये अभी तक कोविड के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक और मील का पत्थर साबित हुआ है. कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल गई है.
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोवोवैक्स के निर्माण के लिए अमेरिका की बायोटेक कंपनी Novavax के साथ मिलकर काम किया था. WHO ने कहा है कि उसकी मंजूरी से Covovax की आपूर्ति में काफी विस्तार होगा.
भारत सरकार ने दिया था 31 करोड़ कोवोवैक्स का आर्डर
आजतक की ख़बर के अनुसार भारत सरकार ने बीते महीने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को 31 करोड़ कोवोवैक्स वैक्सीन बनाने का ऑर्डर दिया था. सरकार ने SII को 2 करोड़ वैक्सीन इंडोनेशिया को निर्यात करने की भी इजाजत दी थी. कोवोवैक्स को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में रखा जा सकता है. इस वैक्सीन का ज्यादा असर तब होगा जब किसी व्यक्ति को इसकी दो डोज दी जाएंगी.