दुनियाभर में मंकीपॉक्स (Monkey Pox) के मामले बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली (Delhi) के एक मरीज को मिलाकर भारत में अब तक मंकीपॉक्स के कुल चार मरीज सामने आ चुके हैं. इसमें 3 मामले केरल से हैं. हाल ही में WHO ने भी मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (Global Health Emergency) घोषित किया है. ये स्वास्थ्य संकट अब तक 80 देशों में फैल चुका है. ऐसे में लोगों के बीच इससे बचाव को लेकर कई तरह के सवाल हैं.
मंकीपॉक्स के लक्षण दिखें तो जांच यहां होगी
मंकीपॉक्स की जांच की सुविधा अभी हर शहर में नहीं है


सबसे पहले और सबसे जरूरी. मंकीपॉक्स के लक्षणों के बारे में जान लें. ये लक्षण 2-4 हफ्ते तक रहते हैं. इनमें सिरदर्द, बुखार, थकान, सूजी हुई लिम्फ नोड्स, मांसपेशियों में दर्द, मवाद भरे दाने, संक्रमण के पांच दिनों के अंदर चेचक जैसे निशान आना, शरीर में कंपन होना और पीठ या कमर में दर्द शामिल हैं.
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाएं.
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक मंकीपॉक्स की जांच की सुविधा अभी हर शहर में नहीं है. ऐसे में अगर किसी में इस बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो उसे तुरंत अपने इलाके के सीएमओ यानी Chief Medical Officer कार्यालय को सूचित करना चाहिए.
जानकारी के मुताबिक अगर मंकीपॉक्स का कोई संदिग्ध संक्रमित मिलता है तो उसका सैंपल देश की दो लैबोरेटरीज में भेजा जा सकता है. एक है केजीएमयू लखनऊ और दूसरा है पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी.
हाल ही में दिल्ली में मंकीपॉक्स का एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और प्राइवेट सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है. साथ ही निगरानी समितियों को भी अलर्ट कर दिया गया है कि वो अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले हर शख्स के संबंध में जानकारी रखें.
मंकीपॉक्स की कोई विशेष वैक्सीन मार्केट में अवेलेबल नहीं है. हालांकि इसकी रोकथाम के लिए चेचक के टीके के इस्तेमाल की काफी चर्चा है. ऐसा बताया गया है कि मंकीपॉक्स का वायरस स्मॉलपॉक्स की वायरस फैमिली का ही सदस्य है, लिहाजा इसके पैंडमिक बनने के चांस भी बहुत कम हैं. ये भी माना जा रहा है कि जो वैक्सीन स्मॉलपॉक्स से बचाती है, वो मंकीपॉक्स के खिलाफ इम्यूनिटी दे सकती है. हालांकि यहां बता दें कि ये चर्चा यूरोप में हो रही है. भारत में फिलहाल ऐसे किसी कदम पर विचार नहीं किया जा रहा.
बहरहाल, आंकड़ों के मुताबिक अब तक दुनियाभर में मंकीपॉक्स के करीब 17000 केस डिटेक्ट हो चुके हैं और पांच मौतें हो चुकी हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके केसेस और बढ़ेंगे और फिर खुद कम हो जाएंगे.
देखें वीडियो- मंकीपॉक्स के खिलाफ स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर वैज्ञानिक उतावले क्यों हैं?






















