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राहुल गांधी 3570 किलोमीटर की यात्रा करेंगे, इस-इस रास्ते से होते हुए जाएंगे कश्मीर

पवन खेड़ा, कन्हैया कुमार और कांग्रेस के दूसरे नेता 150 दिनों की यात्रा में राहुल गांधी के साथ रहेंगे.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)

"नफरत और विभाजन की राजनीति के कारण मैंने अपने पिता को खोया है. इसके कारण मैं अपने देश को नहीं खोऊंगा. प्यार से नफरत हारेगा. उम्मीद से डर हारेगा. एक साथ मिलकर हम इस पर जीत हासिल करेंगे."

कांग्रेस की भारत 'भारत जोड़ो' यात्रा शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने ये बात कही है. 7 सितंबर की सुबह वे तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर पहुंचकर अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि दी. साल 1991 में श्रीपेरंबूदूर में ही चुनावी रैली के दौरान एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी हत्या हुई थी.

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'भारत जोड़ो' यात्रा की शुरुआत

7 सितंबर की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी तमिलनाडु के कन्याकुमारी में 'भारत जोड़ो' यात्रा की शुरुआत करेंगे. कन्याकुमारी के त्रिवेणी संगम के पास यह यात्रा शुरू होगी, जहां अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर जुड़ते हैं. कन्याकुमारी से शुरू होकर यह यात्रा जम्मू-कश्मीर तक पहुंचेगी. अगले 150 दिनों में यह यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरेगी. इस दौरान करीब 3570 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी.

जिन प्रमुख जगहों से यह यात्रा गुजरेगी उनमें कन्याकुमारी के बाद तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, निलम्बूर, मैसूर, बेल्लारी, रायचूर, विकाराबाद, नांदेड़, जलगांव जामोद, इंदौर, कोटा, दौसा, अलवर, बुलंदशहर, दिल्ली, अंबाला, पठानकोट, जम्मू और श्रीनगर हैं. ये मुख्य शहर हैं. इसके अलावा बीच में कई शहरों में भी ये यात्रा रुकेगी.

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पवन खेड़ा, कन्हैया कुमार और कांग्रेस के दूसरे नेता 150 दिनों की यात्रा में राहुल गांधी के साथ रहेंगे. कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं के अलावा, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, लेखक, कलाकार, पार्टी कार्यकर्ता और दूसरे क्षेत्र के लोग भी देश भर में जुड़ेंगे. जिन राज्यों से यह यात्रा नहीं गुजरेगी वहां भी पार्टी सहायक यात्राएं निकालेगी. कांग्रेस का कहना है कि हर राज्य में 'भारत जोड़ो' यात्रा से जुड़ा कोई ना कोई कार्यक्रम जरूर होगा.

क्या है कांग्रेस का मकसद?

कांग्रेस की इस यात्रा का मकसद देश को जोड़ना है. पार्टी का कहना है कि जनता के मुद्दे उनकी आय में कमी, महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी है लेकिन बीजेपी सांप्रदायिकता, दंगे और तानाशाही के जरिये जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है. कांग्रेस ने कहा है कि भारत को उन्हीं मुद्दों पर जोड़ना है. पार्टी के सीनियर नेता इस यात्रा में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे. पार्टी ने कहा कि देश का कोई भी व्यक्ति इस यात्रा में हिस्सा ले सकता है.

कन्याकुमारी में मौजूद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस यात्रा को भारतीय राजनीति का टर्निंग प्वाइंट बताया है. उन्होंने आज तक से कहा कि मुख्य रूप से यात्रा के तीन कारण हैं. समाज की आर्थिक विषमताएं, सामाजिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक केंद्रीयकरण. उन्होंने कहा कि भारत टूट रहा है इसलिए जोड़ने का समय आ गया है.

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जयराम रमेश ने कहा, 

"राहुल गांधी जी ने कहा कि ये यात्रा उनके लिए तपस्या के लिए समान है. ये 3570 किलोमीटर की पद यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरेगी. इसमें 118 कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हैं. एक तिहाई महिलाएं हैं. औसत उम्र 38 है. राहुल गांधी भी शामिल हैं ये पद यात्रा पूरी करेंगे. जिस मकसद से हमने इसकी कल्पना की थी. हमारे समाज में आर्थिक विषमताएं बढ़ रही हैं. भारत टूट रहा है. जोड़ने की जरूरत है. धर्म, जाति, भाषा के नाम पर सामाजिक ध्रुवीकरण हो रहा है. भयंकर तरीके राजनीतिक केंद्रीयकरण हो रहा है. भारत बिखर रहा है." 

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस यात्रा को लेकर कहा कि जो लोग चाहते हैं कि राजनीति को जनता की समस्याओं की बात करनी चाहिए वे लोग इस यात्रा से जुड़ें. उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक कोशिश है.

एमके स्टालिन सौंपेंगे तिरंगा

कन्याकुमारी में राहुल गांधी के अलावा राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जयराम रमेश, डीके शिवकुमार, कन्हैया कुमार और पार्टी के कई नेता शामिल होंगे. कांग्रेस के कार्यक्रम के मुताबिक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खादी का तिरंगा राहुल गांधी को सौंपेंगे. जिसे राहुल फिर सेवा दल कार्यकर्ताओं को देंगे जो यात्रा का प्रबंधन कर रहे हैं.

भारत जोड़ो यात्रा की एक टैगलाइन है- "मिले कदम, जुड़े वतन". इस यात्रा के लिए एक गाना भी रिलीज किया गया है जिसमें भारत की विविधता को दिखाया गया है. गाने में मुख्य रूप से महंगाई, बेरोजगारी, नफरत के खिलाफ देश को जोड़ने की बातें है. गाने के बोल हैं, 

"बढ़ते कदम न अब रूक पाएंगे, हम आगे बढ़ते जाएंगे. कदम से कदम मिलाएंगे, हम भारत को जोड़ते जाएंगे. चली, चली, भारत जोड़ो यात्रा चली."

कहां रहेंगे राहुल गांधी?

इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी के ठहरने को लेकर भी सवाल सामने आए. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राहुल गांधी इस यात्रा के दौरान किसी होटल में नहीं ठहरेंगे. यात्रा के दौरान राहुल गांधी एक कंटेनर में आराम करेंगे. इन कंटेनर में बिस्तर, टॉयलेट और एसी लगे हैं. अलग-अलग राज्यों के मौसम और परिस्थियों को देखते हुए तैयारियां की गई हैं.

कांग्रेस के एक सूत्र ने एएनआई को बताया, 

“ऐसे करीब 60 कंटेनर तैयार किए गए. उन्हें कन्याकुमारी भेजा गया. हर दिन कंटेनर को एक नई जगह पर रोका जाएगा. रात में आराम करने की व्यवस्था इसी में होगी. राहुल गांधी के साथ रहने वाले फुल टाइम 'भारत पदयात्री' साथ में खाएंगे और रहेंगे.”

इसी तरह के कंटेनर में ठहरेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता (फोटो- ANI)

कांग्रेस की इस यात्रा को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को ग्राउंड जीरो से जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि पार्टी का कहना है कि वह सिर्फ जरूरी मुद्दों पर देश के लोगों को जोड़ने को कोशिश कर रही है.

BJP ने यात्रा पर उठाए सवाल

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 'भारत जोड़ो' यात्रा को लेकर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को पाकिस्तान जाकर यह यात्रा शुरू करनी चाहिए. सरमा ने 6 सितंबर को मीडिया से कहा था, 

"कांग्रेस ने 1947 में भारत को खंडित किया था. अब कांग्रेस को भारत जोड़ो यात्रा के लिए पाकिस्तान जाना चाहिए. अब राहुल गांधी के मन में पश्चाताप है कि उनके नाना (जवाहरलाल नेहरू) ने जो किया वो नहीं होना चाहिए था तो भारत जोड़ो यात्रा पाकिस्तान में करनी चाहिए, बांग्लादेश में करनी चाहिए. और अखंड भारत के लिए कोशिश कीजिए."

सरमा ने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और सिलचर से सौराष्ट्र तक, भारत को जोड़ना जरूरी नहीं है यह पहले से पूरी तरह जुड़ा है.

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