The Lallantop

पाकिस्तान को मारने के लिए एक भारतीय कवि ही काफी है!

अगर ये कवि सरहद पर होता, तो पाकिस्तान हथियार डाल देता. बोल ऐसे हैं कि पूरे इंडिया का मनोबल उबलने लगेगा.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
संयुक्त राष्ट्र और अपने-अपने मंचों से इंडिया पाकिस्तान वाले एक दूसरे की वाट लगाए हुए हैं. जिसके बाद बनती हैं निशाना साधना जैसी हेडलाइन. लेकिन ये सब नेशनल, इंटरनेशनल लेवले के जरूरी झाम हैं. पर जब इन दोनों लेवल से तनिक नीचे उतरते हैं तो मिलतीं है पान की दुकानें. गली के नुक्कड़ और चौपालें. जहां पर होती हैं वो चर्चाएं, जो सूत्रों को भी नहीं मालूम होती हैं. इंडिया-पाकिस्तान के बीच मानसिक युद्ध चल रहा है. इसी युद्ध पर एक कवि महोदय अंकिल आए हैं. पाकिस्तान को डेडिकेट करते हुए ऐसी कविता सुनाई है कि ट्वीटर पर वायरल हो लिए हैं. हर कोई सुन, देख रहा है. हमने सोचा आपको भी सुनवा दें. पहले पढ़ लीजिए कविता के बोल. तदउपरांत नीचे वीडियो है. सुन लीजिए. अस्तु.
'जितनी आबादी है तुम्हारी पाक वहां सुनो उतनी हमारे यहां घासफूस लेते हैं जितने का गोला बम तेरे पास वहां रखा उतने का बच्चा यहां कारतूस लेते हैं जितना है खून तेरी जनता में भरा हुआ उतना तो मेरे यहां मच्छर चूस लेते हैं जितना है पाक तेरे यहां का बजट सुनो उतना दरोगा जी अकेले घूस लेते हैं जितना तू बढ़चढ़ बोलता है पाक प्यारे उतना आवारा यहां कुत्ता भौंक देते हैं जितने के धुआं तेरे कारखाने देते हैं उतने के चिलम साधु जी फूंक देते हैं पाक कभी हिंद के बराबर न आ सकेगा उत्तर तुम्हें आज हम अचूक देते हैं जितने की दाल रोटी खाते पाक वाले हैं उतने की चुटकी बिहारी खाकर थूक देते हैं बाबा रामदेव अगर पाक चले गए तो पूरा पाक बाबा का चेला बन जाएगा अटल बिहारी यदि पाक चले गए तो रब्बानी हिना को फिर झमेला बन जाएगा उमा जयललिता मायावती चली गईं तो पूरा पाक विश्व में अकेला पड़ जाएगा लालूजी के संग यदि राबड़ी चली गईं इस्लामाबद भैंस का तबेला बन जाएगा'  
https://twitter.com/HappyHigh01/status/784978566354272259 बता दें कि हमारे एक रीडर पीयूष मालवीय ने हमें मैसेज कर बताया, 'ये छंद अनिल चौबे नाम के शख्स ने लिखे हैं. इस छंद को पढ़ने वाले महोदय कवि बिहारीलाल हैं.' हालांकि ये कविता किसकी है, इस बात की पुुख्ता जानकारी हमारे पास नहीं है. ऐसे में सिर्फ एक ही ऑप्शन बचता है, इंतजार कीजिए एंड जस्ट इंजॉय.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement