बिहार सरकार में मंत्री और RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव को आधी रात वाराणसी का एक होटल छोड़कर निकलना पड़ा. तेज प्रताप के समर्थकों ने सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया है. तेज प्रताप अपने समर्थकों के साथ वाराणसी के 'अर्काडिया होटल' में ठहरे थे. उनकी गैरमौजुदगी में उनके साथ मौजूद लोगों के कमरे से सामान निकालकर रिसेप्शन पर रख दिया गया था. आरोप है कि होटल कर्मचारी तेज प्रताप की गैर-मौजूदगी में उनके कमरे में भी घुस गए.
तेज प्रताप को आधी रात छोड़ना पड़ा होटल, कमरे से सामान निकालकर बाहर कर दिया
तेज प्रताप यादव का सामान निकालने पर होटल ने क्या सफाई दी?


सामान क्यों निकाला गया?
घटना शुक्रवार, 7 अप्रैल की देर रात एक बजे के आसपास की है. इस मामले में वाराणसी के सिगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत की कॉपी दी लल्लनटॉप के पास भी है. इसमें बताया गया है कि तेज प्रताप यादव होटल के कमरा नं 206 में रुके थे. उनके सहायक और सुरक्षाकर्मी 205 में ढहरे थे. 7 अप्रैल को तेज प्रताप सुबह 11 बजे मंदिर दर्शन और गंगा आरती के लिए बाहर निकले. जब वापस होटल लौटे तो देखा कि रूम नंबर 205 का सामान निकालकर रिसेप्शन पर रख दिया गया था. शिकायत में लिखा है कि बिना अनुमति तेज प्रताप के कमरे में घुसना और 205 नंबर कमरे से सामान निकालना उनकी सुरक्षा के लिए घातक था.
शिकायत में ये भी बताया गया कि तेज प्रताप का एक स्टाफ इस घटना के दौरान होटल में ही मौजूद था. उसे रूम नंबर 205 से हटाकर रिसेप्शन पर बैठा दिया गया था. शिकायत में होटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.
तेज प्रताप के साथी प्रदीप राय ने घटना के बारे में मीडिया को बताया-
ये पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में सामने आई है. कुछ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है. होटल के जीएम का भी चेहरा उस सीसीटीवी फुटेज में आया है. होटल के मैनेजर ने बताया कि कमरा एक ही बुक था. वो भी आज (8 अप्रैल) तक के लिए. जबकी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई थी. ना ही कोई फोन किया गया था. बिना जानकारी के ऐसा काम किया गया. सीधे-सीधे मंत्री जी की सुरक्षा मामला बनता है. वो बताकर गए थे कि दर्शन करने काशी विश्वनाथ गए हैं.
होटल का क्या कहना है?
दैनिक भास्कर में छपी ख़बर के मुताबिक, होटल प्रबंधन का कहना है कि तेज प्रताप के नाम से 205 और 206 नंबर कमरा बुक किया गया था. 7 अप्रैल को दोपहर 12 बजे मंत्री जी को 205 नंबर कमरा खाली करना था, लेकिन उन्होंने खाली नहीं किया. उस कमरे की बुकिंग चेन्नई के एक गेस्ट ने ऑनलाइन कराई थी. वो होटल पहुंच गया था.
होटल प्रबंधन ने आगे बताया कि तेज प्रताप यादव का सामान उनके स्टाफ के सामने ही दूसरे कमरे में शिफ्ट करवाया जा रहा था. इस पर वो (तेज प्रताप का स्टाफ) नाराज हो गए. दोनों कमरे छोड़कर गाड़ी में बैठ गए. तेज प्रताप का कमरा आज (8 अप्रैल) सुबह तक उनके नाम से बुक था, लेकिन वो रात में ही चले गए. होटल प्रबंधन का कहना है कि मंत्री जी कंफ्यूज हो गए थे.
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