उत्तर प्रदेश की चंदौली पुलिस ख़बरों में है. मामला जुड़ा हुआ है डिजिटल वसूली से. दो पुलिस कर्मियों ने कथित तौर पर एक ट्रक रुकवाया और ड्राइवर से बहुत रुपये मांग लिए. कैश नहीं था, तो ट्रक मालिक ने Paytm के ज़रिए पैसे चुकाए. पुलिसवालों को गिरफ़्तार कर लिया है और इस मामले में अन्य बदमाशों की तलाश भी चल रही है.
यूपी में पुलिस ने ट्रक रोककर पैसे मांगे, कैश नहीं था तो Paytm करा लिया
रकम बड़ी थी तो Paytm करा लिया.


उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र पत्रकार अविनाश की रिपोर्ट के मुताबिक़, मछली व्यापारी ने शिकायत दर्ज करवाई कि यूपी की सीमा में दाख़िल होते ही उसका ट्रक रोक लिया गया. ट्रक में मछलियां लदी थीं. दो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर ट्रक छोड़ने के एवज में बड़ी रकम की मांग लिए. इसके बाद उसे नई बाज़ार पुलिस चौकी ले जाया गया. ड्राइवर ने पुलिस अफ़सर की बात अपने मालिक से करवाई और चूंकि रकम बड़ी थी, तो लेन-देन कैश में होना मुमकिन नहीं था. इस वजह से रुपये पेटीएम से भेजे गए.
केस यहीं ख़त्म नहीं हुआ. जैसे ही ट्रक अपने गंतव्य हरियाणा पहुंचा, ट्रक मालिक ने चंदौली के SP अंकुर अग्रवाल से अवैध वसूली की शिकायत की. SP ने मामले को संज्ञान में लिया और तत्काल विभागीय जांच बैठा दी. रिपोर्ट में नई बाज़ार चौकी इंचार्ज भूपेंद्र कुशवाहा और विनय यादव नाम के पुलिसकर्मी की शिकायत हुई है. SP के निर्देश पर दोनों पुलिसकर्मी हिरासत में ले लिया गया है.
इस संबंध में सकलडीहा CO राजेश कुमार राय ने बताया कि बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है और पुलिस वाले बस मामले में शामिल थे. CO राजेश कुमार राय ने कहा,
“दूसरे प्रांत से कुछ लोग ट्रक से मछली का दाना लेकर जा रहे थे. कुछ बदमाशों ने उनसे अवैध वसूली का प्रयास किया. उन बदमाशों की तलाश की जा रही है. दो पुलिसवालों की भी अपराध में संलिप्तता बताई जा रही है. उनकी भी जांच की जा रही है.”
ऐसा ही डिजिटल वसूली का मामला आया था बेंगलूरु से. बेंगलुरु में एक कपल बर्थडे केक काटकर घर जा रहा था. आधी रात को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें परेशान किया. 'कानून तोड़ने' के लिए उनसे पेटीएम के ज़रिए 1,000 रुपये का भुगतान करने के लिए मजबूर किया, जिसकी उन्होंने अनुमति नहीं थी.
वीडियो: दिल्ली की जेल से वसूली का रैकेट चलाने वाले सुकेश चंद्रशेखर की कहानी





















