उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स (UP Halal-Certified Products Ban) के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. इसके चलते राज्य के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने हजारों किलोग्राम खाने की ऐसी चीजें जब्त की हैं, जो हलाल सर्टिफाइड थीं. उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 नवंबर को राज्य में सभी हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लगा दिया था.
यूपी: हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स पर एक्शन तेज, हजारों किलो खाने की चीजें जब्त
उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स को प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसे देखते हुए पड़ोसी राज्य बिहार में भी इन पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने राज्य में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.


इसके अगले दिन से ही राज्य में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स को जब्त करने की कार्रवाई होने लगी थी. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने 23 नवंबर को कई जिलों में छापेमारी की. इसमें 38 जिलों से 2,275 किलोग्राम हलाल सर्टिफाइड खाने की चीजें जब्त की गई हैं. प्रतिबंध लगने के बाद से अभी तक 482 बिजनेस इस्टेब्लिशमेंट्स का निरीक्षण किया गया है.
राज्य की फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर अनीता सिंह ने बताया कि हमारी टीमों ने 38 जिलों में निरीक्षण और छापेमारी की. इसमें कुल 482 जगहों पर निरीक्षण किया गया. एडमिनिस्ट्रेशन की टीमों ने 38 जिलों में 97 जगहों पर छापेमारी भी की. ये निरीक्षण विशेष सूचनाओं के आधार पर किए गए.
अनीता सिंह ने आगे बताया कि जब्त की गईं 2,275 किलोग्राम खाने की चीजों में पास्ता, सेवईं, पुदीना, दालें, नमक जैसी चीजें शामिल थीं. ये चीजें ज्यादातर आगरा, मैनपुरी, अयोध्या, गोरखपुर, अंबेडकर नगर और मुरादाबाद जैसे जिलों से बरामद की गईं. कमिश्नर सिंह ने ये भी बताया कि मिलावट के शक में 83 चीजों को जांच के लिए भेजा गया है.
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फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर सिंह ने बताया कि ये प्रतिबंध मीट से बनी चीजों और उत्तर प्रदेश से बाहर बेचने के लिए बनाई गई चीजों पर नहीं है. उन्होंने कहा कि ये पाया गया था कि कुछ संगठन फर्जी हलाल प्रमाणपत्र जारी कर रहे थे. वे ये प्रमाणपत्र देने के लिए वैध नहीं थे. वे हर तरह की चीजों जैसे तेल, पुदीना, चावल, बेकरी की चीजों को भी हलाल सर्टिफाइड होने का प्रमाणपत्र दे रहे थे. इन्हें नियमों के खिलाफ पाया गया और इसलिए इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार में भी हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने इस तरह के सर्टिफिकेट्स पर व्यवसायों का इस्लामीकरण करने का आरोप लगाया. गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसकी मांग की है.
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वहीं, उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स(STF) ने इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है. उत्तर प्रदेश में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से हलाल सर्टिफिकेट्स देने के लिए एक चेन्नई की कंपनी हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और तीन संगठनों पर FIR दर्ज कराई गई थी. इसमें दिल्ली के जमीयत उलेमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट, मुंबई के हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया और जमीयत उलेमा भी शामिल हैं.
ये शिकायत 18 नवंबर को हजरतगंज थाने में लिखवाई गई. लेकिन बाद में मामला STF को ट्रांसफर कर दिया गया. इस मामले में और भी कई कंपनियों और उनके मालिकों के नाम शामिल हैं. इन पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने के भी आरोप लगाए गए हैं. इधर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका दावा है कि वे इस तरह की गलत आरोपों के खिलाफ जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे.
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