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भेड़ियों की वजह से बहराइच में फर्नीचर का धंधा चमका, ऑर्डर संभाले नहीं संभल रहे

Bahraich Wolf Attack: बहराइच में दरवाजों की मांग इतनी बढ़ गई है कि रोज एक दुकान को 20-25 दरवाजों के आर्डर मिलते हैं. पहले दिन में एक ऑर्डर भी मुश्किल से मिलता था.

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फिलहाल लोगों ने घरों पर लकड़ी के दरवाजे लगाने शुरू किए हैं.

उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़ियों ने आतंक मचाया हुआ है. 49 दिनों में 7 बच्चों और 1 महिला सहित 8 लोगों को मार दिया है. इन हमलों ने गांव वालों की जिंदगी बदल दी है. भेड़ियों से बचने के लिए उन्हें जो समझ आ रहा है वो कर रहे हैं. गांव के कई घरों में अब तक पक्के दरवाजें नहीं होते थे. लेकिन भेड़ियों की वजह से लोग लकड़ी के मजबूत दरवाजे लगवा रहे हैं. इसका सीधा फायदा मिला है फर्नीचर बनाने वालों को.

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आजतक से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक बहराइच में दरवाजों की मांग इतनी बढ़ गई है कि रोज एक दुकान को 20-25 दरवाजों के आर्डर मिलते हैं. पहले दिन में एक ऑर्डर भी मुश्किल से मिलता था. भेड़िया प्रभावित क्षेत्र में मोहम्मद ख्याल नाम के एक व्यक्ति की फर्नीचर की दुकान है. उन्होंने आजतक को बाताया,

"इस सीजन में दरवाजों का एक भी ऑर्डर नहीं आता था. लेकिन अब रोज के 20-25 दरवाजों के ऑर्डर आते हैं. और बिकते भी हैं. एक दरवाजे की कीमत 2 से 3 हजार तक होती है. लोग डर हुए हैं. इसलिए आनन फानन में घरों पर दरवाजे लगाना चालू कर रहे हैं."

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कब तक पकड़े जाएंगे भेड़िए?

वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस तरह के अभियान में कोई निश्चित अवधि नहीं बताई जा सकती है. भेड़िए को कल भी पकड़ा जा सकता है और कुछ दिनों में भी.

भेड़ियों को पकड़ने के लिए शार्प शूटर्स के इस्तेमाल की बात को लेकर संजय ने बताया,

“हम अगर उन्हें फिजिकली पकड़ने में नाकाम होते हैं तो आखिरी तरीके के तौर पर हम शार्प शूटरों का इस्तेमाल करेंगे. ये हमारे एक्ट में भी है. लेकिन इससे पहले जानवर को चिन्हित करना जरूरी है. सबसे बड़ी चुनौती यही है.”

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उन्होंने बताया कि 6 में से दो भेड़िए बचे हैं. उनको ट्रैक करना जरूरी है. गांव वालों की हर बात नहीं मानी जा सकती. वो कई बार सियार को देखकर भी भेड़िया बता देते हैं. भेड़िया कई बार अपनी पूछ छुपाता है और कई बार लंगड़ा कर चलता है.

गांवों में दरवाजे और लाइट ना लगे होने पर संजय ने बताया कि इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. लोगों को जागरूक किया जा रहा है. उम्मीद करते हैं कि गांव वाले अपने दरवाजे बंद रखेंगे, पहरेदारी करेंगे. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर बहुत खराब स्थिति होती है तो बच्चों को सोते वक्त अपने साथ बंद करके रखें, रस्सी बांधकर सोएं, और उन्हें अकेले न छोड़ें.

वीडियो: बहराइच में भेड़ियों का आतंक, ड्रोन कैमरे में कैद हुई तस्वीरें

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