अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ‘बदसलूकी’ (Misbehave) करता है, तो अमेरिका उस पर फिर से सैन्य हमले शुरू कर सकता है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नया ऑफर दिया है. इसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करने की मांग की गई है. ट्रंप इस प्रस्ताव को तोल-मोल रहे हैं.
'अगर बदसलूकी की तो...' ईरान पर फिर से हमला करने पर क्या बोल गए ट्रंप?
US Iran Peace Talks: ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नया ऑफर दिया है. इसमें ‘Strait of Hormuz’ को फिर से खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करने की मांग की गई है.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा से उड़ान भरने से पहले डॉनल्ड ट्रंप ने इशारा किया कि कूटनीतिक विकल्पों पर अभी भी विचार किया जा रहा है, लेकिन मिलिट्री एक्शन से इनकार नहीं किया गया है. ईरान द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव का जिक्र करते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने कहा,
"उन्होंने मुझे इस समझौते की रूपरेखा के बारे में बताया है. अब वे मुझे इसका सटीक मसौदा सौंपने वाले हैं."
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकते हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया,
“मैं ऐसा नहीं कहना चाहता. मेरा मतलब है, मैं यह बात किसी रिपोर्टर से नहीं कह सकता. अगर वे गलत बर्ताव करते हैं, अगर वे कुछ बुरा करते हैं, तो अभी हम देखेंगे. लेकिन ऐसा होने की संभावना है.”
ईरान के प्रस्ताव पर क्या बोले ट्रंप?अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि इस डील की शर्तें शायद अमेरिका की उम्मीदों पर खरी न उतरें. ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा,
“मैं जल्द ही उस प्लान की समीक्षा करूंगा जो ईरान ने अभी-अभी हमें भेजा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह मंजूर होगा क्योंकि उन्होंने पिछले 47 सालों में इंसानियत और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक कोई बड़ी सजा नहीं भुगती है.”

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ईरान ने क्या प्रस्ताव दिया?ईरान सरकार से जुड़ी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, ईरान ने जंग को खत्म करने का 14-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव में ईरान के आस-पास के इलाकों से अमेरिकी सेना की वापसी, नाकेबंदी हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना, मुआवजे का भुगतान, प्रतिबंध हटाना, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना और साथ ही ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के लिए एक नया कंट्रोल सिस्टम बनाना शामिल है.
एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने बताया कि विवादित न्यूक्लियर बातचीत को बाद के लिए टाल दिया गया है. इस प्रस्ताव के तहत, युद्ध इस गारंटी के साथ खत्म होगा कि इजरायल और अमेरिका दोबारा हमला नहीं करेंगे. ईरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' खोल देगा और अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटा देगा.
बैन हटाने के बदले ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर आगे बातचीत होगी. ईरान की मांग है कि वॉशिंगटन शांतिपूर्ण मकसद के लिए यूरेनियम को एनरिच करने के उसके अधिकार को मान्यता दे, भले ही वह अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने के लिए राजी हो जाए.
ईरान का प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब शांति की कोशिश ठप पड़ी हैं. इससे पहले, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर तेहरान बातचीत करना चाहता है, तो वह वॉशिंगटन को ‘कॉल’ कर सकता है. साथ ही उन्होंने इस बात को भी दोहराया था कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए.
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