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अब बातचीत तब शुरू होगी जब ये दो बातें मान लोगे... ईरान से अमेरिका पहुंचा नया ऑफर

US-Iran Peace Talk: इस ऑफर में ‘Strait of Hormuz’ को फिर से खोलने की मांग की गई है. पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजे गए इस ऑफर में दो फेज की बात की गई है.

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27 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 11:44 AM IST)
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अमेरिका के पास ईरान का शांति प्रस्ताव पहुंच गया है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नया ऑफर दिया है. इसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोलने और पश्चिम एशिया में चल रही जंग को खत्म करने की मांग की गई है. जबकि विवादित न्यूक्लियर बातचीत को बाद के लिए टाल दिया गया है. अमेरिकी न्यूज आउटलेट एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी.

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजे गए इस ऑफर में दो फेज की बात की गई है. इसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने और अमेरिका की नाकेबंदी को खत्म करने को प्राथमिकता दी गई है. प्रस्ताव में कहा गया कि बातचीत तभी शुरू होगी जब होर्मुज फिर से खुल जाएगा और नाकेबंदी हटा ली जाएगी.

नए प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि या तो सीजफायर को लंबे समय तक बढ़ा दिया जाए या फिर युद्ध को हमेशा के लिए खत्म किया जाए. एक्सियोस के मुताबिक, व्हाइट हाउस को यह प्रस्ताव मिल गया है, लेकिन यह अभी भी साफ नहीं है कि अमेरिका इस पर विचार करने को तैयार है या नहीं.

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब शांति के प्रयास ठप पड़े हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर तेहरान बातचीत करना चाहता है, तो वह वॉशिंगटन को ‘कॉल’ कर सकता है. साथ ही उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार, 24 अप्रैल को एक डेलीगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंचे थे. हालांकि, इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई. ईरानी डेलीगेशन ने अपनी शर्तें पाकिस्तान को सौंपी और वापस तेहरान लौट गया. इन्हीं शर्तों को इस्लामाबाद ने वॉशिंगटन तक पहुंचाया है.

पिछले कुछ दिनों में अराघची पाकिस्तान और ओमान के बीच लगातार आवाजाही कर रहे हैं. सोमवार, 27 अप्रैल को रूस में व्लादिमीर पुतिन के साथ आगे की बातचीत करने की उम्मीद है.

अमेरिका ने मांग की है कि ईरान कम से कम एक दशक के लिए यूरेनियम एनरिचमेंट रोक दे और अपने मौजूदा स्टॉक को देश से बाहर भेज दे. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मध्यस्थों से कहा कि इन मांगों पर कैसे प्रतिक्रिया दी जाए, इस पर ईरान की लीडरशिप के भीतर कोई आम सहमति नहीं है. 

ये भी पढ़ें: इस्लामाबाद पहुंचा ईरानी डेलीगेशन, अमेरिका के साथ बातचीत या कोई और प्लान?

ट्रंप ने दी चेतावनी

डॉनल्ड ट्रंप ने 26 अप्रैल को कहा कि ईरान के पास सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जाएगा. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर अमेरिकी नाकेबंदी लगी हुई है.

उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है. ट्रंप के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी.

वीडियो: ट्रंप ने भारत को Hell-Hole कहा, भारत से पहले ईरान ने ही सुना दिया

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