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ट्रंप प्रशासन की अपने ही लोगों पर गोलीबारी, इमिग्रेशन पॉलिसी का विरोध कर रहे शख्स की हत्या

घटना अमेरिका के Minneapolis की है. मृतक की पहचान एलेक्स प्रीटी (37) के तौर पर हुई है, जो अमेरिकी नागरिक ही थे और राष्ट्रपति Donald Trump की इमिग्रेशन पॉलिसी का विरोध कर रहे थे.

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मिनियापोलिस में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

ट्रंप प्रशासन बड़े पैमाने पर एंटी-इमिग्रेशन ऑपरेशन चला रहा है. इस ऑपरेशन के तहत फेडरल एजेंसियां देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं. कुछ दिन पहले जिस जगह पर 37 साल की रेनी गुड की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उससे महज एक मील की दूरी पर ही फेडरल अधिकारियों ने एक और शख्स को गोली मार दी. मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

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AP की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना अमेरिका के मिनियापोलिस की है. शनिवार, 24 जनवरी को इमिग्रेशन ऑपरेशन के दौरान फेडरेल एजेंट्स की कार्रवाई में एक शख्स की मौत हो गई. मृतक की पहचान एलेक्स प्रीटी (37) के तौर पर हुई है, जो अमेरिकी नागरिक ही थे और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी का विरोध कर रहे थे.

मिनियापोलिस पुलिस ने बताया कि एलेक्स के पास लीगल बंदूक रखने का लाइसेंस था और गोलीबारी में कई पुलिस अधिकारी शामिल थे. गृह सुरक्षा विभाग की प्रवक्ता ने कहा कि फेडरेल अधिकारी एक ऑपरेशन चला रहे थे. उनके मुताबिक, एक शख्स बंदूक लेकर अधिकारियों के पास आया और जब उसे निहत्था करने की कोशिश की गई तो उसने हिंसक विरोध किया. इसके बाद अधिकारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई.

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जबकि, घटना के तुरंत बाद सामने आए गोलीबारी के वीडियो में, एलेक्स को हाथ में फोन लिए हुए देखा जा सकता है, लेकिन किसी भी वीडियो में उन्हें किसी हथियार के साथ नहीं दिखाया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मास्क और टैक्टिकल वेस्ट पहने लोग बर्फ से ढकी सड़क पर एक आदमी से हाथापाई कर रहे हैं, जिसके बाद गोलियों की आवाज सुनाई देती है. फुटेज में, एलेक्स जमीन पर गिर जाते हैं और कई और गोलियों की आवाज सुनाई देती है.

मिनिसोटा के गवर्नर ने क्या कहा?

मिनिसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ ने राज्य में ट्रंप प्रशासन के इमिग्रेशन ऑपरेशंस को तुरंत रोकने की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फेडरेल एजेंटों द्वारा की गई एक और गोलीबारी बेहद भयावह है और राष्ट्रपति को यह ऑपरेशन बंद करना चाहिए. डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेटर टीना स्मिथ ने इस घटना को ‘विनाशकारी’ बताया.

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वहीं, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर वाल्ज और मिनियापोलिस के मेयर पर जमकर हमला बोला. उन्होंने उस बंदूक की तस्वीरें शेयर कीं, जिसे इमिग्रेशन अधिकारियों ने बरामद करने का दावा किया था. ट्रंप ने कहा,

यह सब क्या है? स्थानीय पुलिस कहां है? उन्हें आईईसी अधिकारियों की सुरक्षा करने की मंजूरी क्यों नहीं दी गई?

ये भी पढ़ें: अमेरिकी हिरासत में मर रहे प्रवासी, ट्रंप के आने के बाद बढ़ा आंकड़ा, साल की शुरुआत में ही चार की मौत

मिनियापोलिस में विरोध प्रदर्शन जारी

गोलीबारी के बाद, सैकड़ों प्रदर्शनकारी कड़ाके की ठंड में सड़कों पर उतर आए और एक ऐसे शहर में फिर से तनाव बढ़ गया, जो एक हत्या से पहले से ही हिल चुका है. 7 जनवरी को अमेरिका के मिनेसोटा में ICE ऑफिसर ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 37 साल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी. महिला की पहचान रेनी निकोल गुड के रूप में हुई, जो तीन बच्चों की मां थीं और हाल ही में शहर में रहने आई थीं.

फिलहाल, मिनियापोलिस में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. एलेक्स प्रीटी की मौत के बाद, गुस्साई भीड़ ने संघीय अधिकारियों को गालियां दीं और उन्हें ‘कायर’ कहकर वापस लौट जाने के लिए कहने लगी. प्रदर्शनकारियों की अधिकारियों के साथ झड़प भी हुई, जिन्होंने लाठियों का इस्तेमाल किया और ‘फ़्लैश बैंग’ फेंके.

रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने जाते हुए उनका मज़ाक उड़ाते हुए कहा, "रोओ रोओ." दूसरी जगह, एजेंट्स ने एक प्रदर्शनकारी को धक्का देकर कार में बिठा दिया. प्रदर्शनकारियों ने गलियों से कूड़ेदान खींचकर सड़कों को जाम कर दिया और नारे लगाने लगे, 

ICE अभी बाहर जाओ… ICE पर नज़र रखना अपराध नहीं है.

जैसे ही अंधेरा छाने लगा, गोलीबारी स्थल पर बन रहे स्मारक के पास सैकड़ों लोग चुपचाप जमा हो गए. कुछ लोगों के हाथों में ‘एलेक्स प्रीटी के लिए न्याय’ लिखे हुए बैनर थे. जबकि कई लोग प्रीटी और गुड के नाम के नारे लगा रहे थे.

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