स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर उस समय हंगामा मच गया, जब कुछ असामाजिक तत्व वहां पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे. आरोप है कि इन लोगों ने 'आई लव बुलडोजर बाबा' के नारे लगाए. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके समर्थक 'बुलडोजर बाबा' कहते हैं. ऐसे में इस घटना को सीधे तौर पर सीएम योगी से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि स्नान से रोकने पर स्वामी अविमुक्तेशवरानंद ने सीएम योगी की आलोचना की थी.
स्वामी अविमुक्तेशवरानंद के शिविर पर हंगामा और धक्का-मुक्की, 'आई लव बुलडोजर बाबा' के नारे लगे
Swami Avimukteshwaranand के शिविर प्रभारी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसमें कहा गया है कि अगर भविष्य में शिविर के अंदर या बाहर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी.


शनिवार, 24 जनवरी को सेक्टर चार, त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी पर स्थित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर यह घटना हुई. इसका वीडियो भी वायरल है, जिसमें कुछ लोग 'आई लव बुलडोजर बाबा' के नारे लगाते नजर आए. इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इंडिया टुडे से जुड़े पंकज शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से शिविर प्रभारी पंकज पाण्डेय ने कल्पवासी थाना अध्यक्ष को इस बारे में लिखित तहरीर दी. तहरीर में बताया गया है कि 24 जनवरी की शाम करीब 6:30 बजे से 7:30 बजे के बीच कुछ लोग शिविर के बाहर पहुंचे. उनके हाथों में लाठी-डंडे थे और वे भगवा झंडा लिए हुए थे.
शिकायत में कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्व जबरन शिविर में घुस गए और उपद्रव मचाने लगे. आरोप है कि ये लोग मारपीट करने पर भी आमादा हो गए. शिकायत में बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सेवकों और कार्यकर्ताओं ने आरोपियों को शांतिपूर्ण तरीके से शिविर के बाहर कर दिया.
तहरीर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सुरक्षा को खतरा बताया गया है. शिविर में रह रहे श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई गई है. शिकायत में आशंका जताई गई कि अगर शरारती तत्व दोबारा शिविर में घुसते हैं, तो श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

इस मामले मे पुलिस से FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. साथ ही शिविर परिसर और उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाने की मांग भी की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो. तहरीर में यह भी कहा गया है कि अगर भविष्य में शिविर के अंदर या बाहर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी.
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पालकी के साथ स्नान के लिए जाने से मेला प्रशासन ने रोक दिया था. इससे खफा स्वामी अविमुक्तेशवरानंद ने सीएम पर हमला बोलते हुए उनकी तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से की. इससे पहले सीएम योगी ने भी बिना किसी का नाम लिए धर्म के खिलाफ आचरण करने वाले को 'कालनेमि' करार दिया था. कहा जा रहा है कि इस बयान के निशाने पर स्वामी अविमुक्तेशवरानंद ही थे.
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स्नान पर मचे विवाद के बाद से ही स्वामी अविमुक्तेशवरानंद धरने पर बैठे हैं. 24 जनवरी को शिविर के बाहर बैठने का उनका सातवां दिन है. हंगामे के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी से उतरकर वैनिटी वैन में चले गए हैं.
वीडियो: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी पुलिस और सतुआ बाबा के बारे में क्या बताया?












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