अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई मारे जा चुके हैं. लेकिन जंग अभी खत्म नहीं हुई है. अमेरिकी सेना के सबसे बड़े अधिकारी का दावा है कि अभी ये जंग बहुत लंबी चलेगी. उन्होंने कहा कि जिस मकसद के लिए ईरान पर हमला किया गया था, वो अभी पूरा नहीं हुआ है. आगे ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान अभी और तेज होगा. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि जितना भी समय लगे वो ठीक है. अभी तो अमेरिकी सेना के सबसे जोरदार हमले बाकी हैं.
अमेरिकी सेना के सबसे बड़े अधिकारी बोले, 'ईरान अभियान में और नुकसान उठाना पड़ सकता है'
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया. इस हमले में ईरान के रक्षामंत्री, रिवॉल्युशन गार्ड के कमांडर और सुप्रीम लीडर खामेनेई की भी मौत हो गई. पिछले तीन दिनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हजारों हवाई हमले किए हैं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए.
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बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया. इस हमले में ईरान के रक्षामंत्री, रिवॉल्युशन गार्ड के कमांडर और सुप्रीम लीडर खामेनेई की भी मौत हो गई. पिछले तीन दिनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हजारों हवाई हमले किए हैं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए. अमेरिका के 6 सैनिकों के मारे जाने की खबर है. इजरायल में भी कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है, लेकिन अभी भी किसी ओर से मिसाइलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं.
इसी बीच अमेरिका के नेताओं और अधिकारियों के जो बयान सामने आए हैं, उससे लगता है कि ये जंग लंबी चलेगी. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि जितना भी समय लगेगा वो ठीक है. उन्होंने शुरुआत से ही अनुमान लगाया था कि इसमें चार से पांच हफ्ते लग सकते हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा समय तक ये कार्रवाई चल सकती है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी यही बात दोहराई. उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका का मकसद पूरा नहीं होता तब तक हमले जारी रहेंगे. अमेरिका ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल कैपेसिटी को खत्म करके ही मानेगा. उन्होंने ये भी दावा किया कि अभी अमेरिकी सेना के सबसे जोरदार हमले होने बाकी हैं.
और अब अमेरिका की सेना के प्रमुख जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत बढ़ाने में लगा है. वहां अतिरिक्त सैनिक और फाइटर जेट भेजे जा रहे हैं. यह काम अभी शुरू हुआ है और आगे भी जारी रहेगा. लेकिन जनरल केन ने ये भी कहा कि उन्हें आशंका है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को और भी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
DW हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल केन ने दावा किया, “ये कोई रात भर चलने वाला ऑपरेशन नहीं हैं. जो मकसद सेंट्रल कमांड और जॉइंट फोर्स के सामने रखे गए हैं, उन्हें हासिल करने में वक्त लगेगा.”
हालांकि, इसी बीच उनके साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे रक्षामंत्री पीट हेग्सेथ ने क्लियर किया कि ये जंग इराक युद्ध जैसी लंबी नहीं होगी और ये अंतहीन भी नहीं है. हेग्सेथ ने कहा कि अभी ईरान में अमेरिका ने जमीनी सैनिक नहीं भेजे हैं, लेकिन आने वाले समय में इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
अमेरिकी रक्षामंत्री ने युद्ध को ‘नरक’ भी बताया और कहा कि अमेरिका के इस मिशन का मकसद साफ और स्पष्ट है. यह अमेरिका की पिछली सरकारों की तरह बिना प्लानिंग के नहीं चलाया जा रहा है.
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