The Lallantop

ईरानी लीडर खामेनेई कहां हैं? इजरायल ने उनके दफ्तर के पास किया था सबसे पहला अटैक

US Iran War News: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. इन हमलों के बीच एक सवाल अब भी बना हुआ है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई कहां हैं?

Advertisement
post-main-image
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. शनिवार, 28 फरवरी को तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर मिसाइलों से हमला हुआ. ईरान ने भी इजरायल समेत मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों के बीच एक सवाल अब भी बना हुआ है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) कहां हैं?

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल का पहला हमला तेहरान के बीचोबीच खामेनेई के ऑफिस के पास हुआ था. रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से लिखा कि हमले के वक्त खामेनेई तेहरान में मौजूद नहीं थे और उन्हें पहले ही एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा चुका था. उन्हें कहां ले जाया गया था या कब ले जाया गया, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है. अमेरिका ने इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है. उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) समेत ईरानी आर्म्ड फोर्स और पुलिस से हथियार डालने के लिए भी कहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हथियार नहीं डाले तो बुरा अंजाम होगा. 

Advertisement

वहीं, ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी है. इजरायल के शहरों पर 30-70 मिसाइलों से हमला किया गया. इजरायली मीडिया के मुताबिक पूरे इजरायल में सायरन बज रहे हैं. इससे पहले इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने सभी लोगों को सीधे सुरक्षित जगहों के पास रहने का एडवांस इंस्ट्रक्शन अलर्ट दे दिया था.

ये भी पढ़ें: 'हथियार डाल दो वरना मौत पक्की', खामेनेई के सैनिकों को डॉनल्ड ट्रंप की ‘धमकी’

यह हमला अचानक नहीं हुआ. तेहरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को लेकर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था. हमले के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, खासकर उनके शासन की हमेशा यह पॉलिसी रही है कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न हो. 

Advertisement

उन्होंने कहा कि वह फिर से दोहरा रहे हैं कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता. इसीलिए पिछले साल जून में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में उन्होंने फोर्डो, नतांज और इस्फहान में ईरानी सरकार के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म कर दिया. 

वीडियो: दुनियादारी: ईरान की घेराबंदी पर ट्रंप को खामेनेई क्या जवाब देंगे?

Advertisement