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'हथियार डाल दो वरना मौत पक्की', खामेनेई के सैनिकों को डॉनल्ड ट्रंप की 'धमकी'

Donald Trump ने कहा कि अमेरिका, खासकर उनके शासन की हमेशा यह पॉलिसी रही है कि Iran के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न हो. उन्होंने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए ईरान की मिसाइल कैपेसिटी को खत्म किया जाएगा.

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डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की जानकारी दी. (truthsocial.com/@realDonaldTrump)
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मौ. जिशान
28 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 02:50 PM IST)
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US Iran War News: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं. 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान में ईरानी खुफिया एजेंसी समेत कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए गए. सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के शासन वाले ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहली प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है. अमेरिका ने इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है. उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) समेत ईरानी आर्म्ड फोर्स और पुलिस से हथियार डालने के लिए भी कहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हथियार नहीं डाले तो बुरा अंजाम होगा. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा,

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ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरानी लोगों का इस्लामिक रिवॉल्यूशन के शासन से आजाद होने का समय है. उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोगों ने बीते कई सालों से अमेरिका से मदद मांगी है, लेकिन किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी मदद नहीं की. डॉनल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वो ऐसी मदद देने को तैयार हैं, जिससे ईरान का मौजूदा शासन ढह जाएगा. उन्होंने कहा,

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ट्रंप ने आगे कहा कि ‘अब तुम्हारे पास एक ऐसा प्रेसिडेंट है जो तुम्हें वह दे रहा है जो तुम चाहते हो. तो देखते हैं तुम कैसे जवाब देते हो. अमेरिका बहुत ज्यादा ताकत और विनाशकारी ताकत के साथ तुम्हारा साथ दे रहा है. अब अपनी किस्मत पर काबू करने और खुशहाल और शानदार भविष्य को सामने लाने का समय है. वह तुम्हारी पहुंच के बहुत करीब है. यह एक्शन लेने का समय है. इसे जाने मत दो. ईश्वर अमेरिका की सेना के बहादुर पुरुषों और महिलाओं को आशीर्वाद दें.’

डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, खासकर उनके शासन की हमेशा यह पॉलिसी रही है कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न हो. उन्होंने कहा कि वह फिर से दोहरा रहे हैं कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता. इसीलिए पिछले साल जून में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में उन्होंने फोर्डो, नतांज और इस्फहान में ईरानी सरकार के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म कर दिया. 

ट्रंप ने कहा, 

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ट्रंप ने कहा कि वे कभी नहीं चाहते कि अमेरिकी लोग एक न्यूक्लियर हथियार से लैस ईरान का सामना करें. उन्होंने कहा कि 47 सालों से ईरानी शासन ने 'अमेरिका की मौत' का नारा लगाया है. साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका, हमारे सैनिकों और कई देशों में निर्दोष लोगों को निशाना बनाते हुए खूनखराबा और सामूहिक हत्या का एक अंतहीन अभियान चलाया है. शासन के सबसे पहले कामों में से एक तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हिंसक कब्जे का समर्थन करना था, जिसमें 444 दिनों तक दर्जनों अमेरिकी बंधकों को रखा गया था. 

उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने इराक में सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों को मार डाला और घायल कर दिया. हाल के सालों में ईरान के प्रॉक्सी ने मिडिल-ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना के साथ-साथ इंटरनेशनल शिपिंग लेन में यूएस नेवी और कमर्शियल जहाजों पर अनगिनत हमले किए हैं. यह बड़े पैमाने पर आतंक है और हम इसे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे.

ट्रंप ने कहा कि इसलिए अमेरिका एक बहुत बड़ा और लगातार ऑपरेशन कर रहा है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए ईरान की मिसाइलों और उन्हें बनाने वाली फैसिलिटी को खत्म किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरानी नेवी को भी खत्म करने जा रहा है.

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