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UPSSSC फाइनल रिजल्ट का वेट करते-करते अभ्यर्थियों के आमरण अनशन पर जाने की नौबत आ गई

पिछले कुछ सालों में जिस तरीके से UPSSSC की भर्तियां सालों-साल लटक रही हैं, उससे इस आयोग की कार्यशैली पर एक बार फिर से सवाल उठने शुरू हो गए हैं. अभ्यर्थी 5 साल से भर्ती पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं. अब नौबत आमरण अनशन करने तक की आ गई है. क्या है पूरा मामला और क्यों अभ्यर्थी अनशन का रास्ता अपना रहे हैं?

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फोटो(स्पेशल सोर्स)

UPSSSC. यानी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग. ये आयोग उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के लिए ग्रुप सी और ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती करता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में जिस तरीके से UPSSSC की भर्तियां सालों-साल लटक रही हैं, उससे इस आयोग की कार्यशैली पर एक बार फिर से सवाल उठने शुरू हो गए हैं. अभ्यर्थी 5 साल से भर्ती पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं. अब नौबत आमरण अनशन करने तक की आ गई है. क्या है पूरा मामला और क्यों अभ्यर्थी अनशन का रास्ता अपना रहे हैं?

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2016 की भर्ती है, फाइनल रिजल्ट अभी तक नहीं आई

यहां बता दें कि जूनियर असिस्टेंट और जूनियर क्लर्क भर्ती के लिए UPSSSC ने दिसंबर 2016 में नोटिफिकेशन जारी किया था. ये भर्ती 548 रिक्त पदों के लिए थी. बाद में पदों की संख्या 536 कर दी गई थी.

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इस परीक्षा में तीन स्टेज थे. लिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट और इंटरव्यू. लिखित परीक्षा 31 मई 2019 को आयोजित हुई. इसका परिणाम जारी हुआ 20 अगस्त 2019 को. इसमें 4,264 अभ्यर्थी सफल हुए.

इसके बाद टाइपिंग टेस्ट हुआ जनवरी 2021 में. टाइपिंग टेस्ट में कुल 2,384 अभ्यर्थी पास हुए जिनको इंटरव्यू में शामिल होना था. इंटरव्यू 15 सितंबर 2021 से 8 अक्टूबर 2021 तक चला. कुछ अनुपस्थित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 12 दिसंबर 2021 को हुआ.

इंटरव्यू के 7 माह बीत गए. अंतिम परिणाम जारी नहीं हुआ

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परीक्षा की वैकेंसी आए हुए 5 साल से ज्यादा बीत गए हैं. अभ्यर्थी अब भी अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहें हैं. परीक्षा में शामिल हुए देवरिया के रहने वाल मारुत बताते हैं,

भर्ती का अंतिम परिणाम जारी किए जाने की मांग को लेकर हमने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और आयोग के अधिकारियों के साथ-साथ विधायक, कैबिनेट मंत्री, सभी से गुहार लगा चुके हैं और पत्र दे चुके हैं परन्तु कहीं सुनवाई नहीं हुई. हमें सिर्फ आश्वासन दिए जा रहें हैं परिणाम नहीं. साक्षात्कार की प्रकिया के 7 माह बाद भी इसका अंतिम परिणाम जारी नहीं हुआ.

भर्ती से जुड़े एक और अभ्यर्थी सिद्धार्थनगर के प्रिंस ने बताया,

आयोग के अधिकारियों से मिलने पर यही बताया जाता है कि बहुत जल्द अंतिम परिणाम जारी होगा पर कोई निश्चित या संभावित तिथि नहीं बताई जाती है. आयोग जाकर 20 से अधिक बार हम अधिकारियों से मिल चुके, 8-9 बार धरना प्रदर्शन कर चुके, किन्तु इसका परिणाम नहीं जारी हुआ.

चाहे मृत्यु हो जाए पर आमरण अनशन पर बैठेंगे

भर्ती के अंतिम परिणाम को जारी करने की मांग वाले अभ्यर्थी अब थक-हार के आमरण अनशन पर जाने का फैसला कर चुके हैं. मारुत कहते हैं,

अब हम अभ्यर्थियों ने आज दिनांक 27 मई, 2022, दिन शुक्रवार से लखनऊ स्थित इको गार्डन में आमरण अनशन पर बैठने का फैसला लिया है. जब तक हम अभ्यर्थियों की पीड़ा का संज्ञान सरकार व शासन नहीं लेता है व हमारा परिणाम नहीं जारी होता है, तब तक हम आमरण-अनशन जारी रखेंगे भले ही इसका परिणाम मृत्यु हो.

परीक्षा में बैठे जौनपुर के गोविंद कहते हैं कि,

हमें हर बार झूठा आश्वासन दिया जाता है. कल जब नए सचिव से मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि शासन स्तर से जिस भर्ती को पूरा करने का आदेश मिलता है पहले उस पर ही काम होता. मतलब हमारी भर्ती की कोई तवज्जो नहीं है. इसलिए हम अब आमरण अनशन पर जा रहे हैं.

आयोग का क्या कहना है?

इस मामले में हमने आयोग का पक्ष भी जानने की कोशिश की. आयोग के सचिव का फोन उपलब्ध न होने की वजह से उनका पक्ष तो नहीं मिला. लेकिन आयोग के एक सदस्य ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि आयोग इस पर काम कर रहा है, जल्दी ही इस परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा.

(आपके लिए ये स्टोरी हमारे साथी प्रशांत ने लिखी है.)

 

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