उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) जिले के सदर थाने की पुलिस टीम पर हत्या का आरोप लगा है. एक 50 साल की महिला की गोली मारकर हत्या का आरोप. रिपोर्ट्स हैं कि पुलिस एक संदिग्ध को पकड़ने आई थी, लेकिन इस दौरान एक महिला की मौत हो गई. इस मामले में परिजनों की तहरीर पर आईपीसी की धारा-302 के तहत पुलिस टीम के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
सिद्धार्थनगर: दबिश के दौरान महिला की गोली लगने से मौत, बेटे ने कहा- पुलिस ने मारी गोली
पुलिस टीम पर हत्या का केस दर्ज


क्या है पूरा मामला?
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना यूपी के सिद्धार्थनगर के सदर थाना क्षेत्र के टोला इस्लामनगर इलाके की है. मृतक महिला का नाम रोशनी बताया गया है. रोशनी के बेटे अतीकुर्रहमान ने बताया,
14 मई की रात करीब दस बजे काफी संख्या में पुलिसकर्मी हमारे घर पहुंचे. वे लोग मेरे भाई अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर ले जाने लगे. इसी बीच हमारी मां (रोशनी) ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि किस आरोप में बेटे को ले जाया जा रहा है, वो यहां रहता भी नहीं है. यह कहकर मां भाई अब्दुल रहमान से लिपट गईं.
अतीकुर्रहमान का आरोप है कि पुलिस ने गोली चलाई और फिर उनके भाई को लेकर चली गई. अतीकुर्रहमान ने ये भी बताया कि इसके बाद परिजन उनकी मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अस्पताल की इमरजेंसी में परिजन इंसाफ की मांग करने लगे.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 2 बजे पुलिस बल के साथ सदर सर्किल के सीओ प्रदीप कुमार यादव पहुंचे. उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की बात कही, लेकिन परिजन मांग करते रहे कि जब तक गिरफ्तार किए गए बेटे अब्दुल रहमान को पुलिस अस्पताल नहीं लाएगी, तब तक शव नहीं ले जाने देंगे. कुछ देर बाद 2 पुलिसकर्मी अब्दुल रहमान को लेकर आए. इस दौरान ही अब्दुल रहमान ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने ही उनकी मां को गोली मारी है और इसके बाद उसे थाने ले गए.
सपा मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें रहमान ने घटना के बारे में बताया,
"मैं घर पर सोया था. पुलिस वाले आए. मुझे उठाया गया. न कुछ पूछा, न कोई जांच. वहां पर गोली चला दी. मेरी मां को गोली लग गई."
भाजपा 2.0 के राज में… pic.twitter.com/xXY6oSDj8S
क्या बोली पुलिस?
सिद्धार्थनगर पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी कि पुलिस घटनास्थल पर गौकशी की सूचना पर पहुंची थी. ट्वीट में पुलिस ने बताया,
"गौकशी की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर गई थी. इससे पूर्व भी वहां पर गौकशी की घटनाएं हुई हैं. इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मृत्यु हो गई. उपरोक्त प्रकरण की जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध तुरंत कानूनी कार्यवाही की जाएगी."
आजतक से जुड़े अनिल कुमार तिवारी के मुताबिक सिद्धार्थनगर के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया,
इस्लामनगर जो कि कोड़रा ग्रांट क्षेत्र में है, वहां एक महिला की मौत गोली लगने से हो गई. परिजनों का आरोप था कि पुलिस की छापेमारी के दौरान फायरिंग से मौत हुई है. उनकी शिकायत पर धारा 302 के तहत पुलिस पार्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. निष्पक्ष जांच के लिए दूसरे थाने को विवेचना सौंपी गई है. हर बिंदु पर जांच की जा रही है कि घटना क्यों घटी. किस सूचना पर टीम पहुंची थी. किन परिस्थितियों में यह घटना हुई है, पूरी जांच कर निष्पक्षता से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस टीम पर उठ रहे सवाल
उधर, ग्रामीणों की मानें तो मृतका गांव में अकेली रहती थीं. उनके परिवार के लोग मुंबई में रहते हैं. वे लोग केवल गर्मियों में कुछ दिनों के लिए गांव आते हैं. अभी तक किसी आपराधिक मामले में इनका नाम नहीं आया है. रोशनी की एक बेटी आयशा की 22 मई को शादी होनी है, इसमें शामिल होने के लिए 9 मई को उनके तीन बेटे और बेटी गांव आए थे. अपनी बहन की शादी में शरीक होने के लिए गांव पहुंचे परिवार के एक युवक को पुलिस गिरफ्तार करने क्यों पहुंची? इनकी मां को गोली लगने के हालात कैसे बने? ऐसे कई सवाल गांव वालों के दिमाग में उठ रहे हैं.
उधर, समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल ने इस मामले में योगी सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया,
"ये यूं ही चली गोली नहीं बल्कि पुलिस द्वारा की गई हत्या है, पुलिस का तांडव इस वक्त पूरे यूपी में जनता पर कहर बनकर टूट रहा है, थाने में बलात्कार हो रहे, पुलिस घर में घुसकर बहन-बेटियों की हत्या कर रही, दबिश के नाम पर सरकारी गुंडागर्दी चल रही, इस हत्या की जिम्मेदार योगी सरकार है!"
वीडियो- UP BJYM नेता ने अफसर को पीटा, गिरफ्तारी पर पुलिस ने ये बहाना चिपकाया


















