The Lallantop

चार साल पहले हो गई थी शख्स की मौत, UP पुलिस ने उसी के ऊपर FIR कर दी

मामला उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र का है. यहां के एक गांव में दो साल पहले दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी. इस मामले में दूसरे पक्ष ने जान से मारने की धमकी देते हुए पुलिस में चार लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करा दी. इस FIR में एक ऐसे युवक का नाम भी शामिल करा दिया गया, जिसकी मौत चार साल पहले ही हो चुकी थी.

Advertisement
post-main-image
मृतक का परिवार (फोटो: आजतक)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव जिले (Unnao) से एक अजीब मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने चार साल पहले मर चुके एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. यही नहीं, जब मृतक के परिजनों ने थाने में जाकर दरोगा को इस बात की सूचना दी, तो उन्हें वहां से भगा दिया गया और दरोगा ने फर्जी केस बनाकर कोर्ट मे चार्जशीट भी दाखिल कर दी. जब पीड़ित परिवार ने कोर्ट को इस मामले के बारे में बताया, तो कोर्ट के आदेश पर दारोगा समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे से जुड़े विशाल सिंह चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र का है. यहां के एक गांव में दो साल पहले दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी. इस मामले में दूसरे पक्ष ने जान से मारने की धमकी देते हुए पुलिस में चार लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करा दी. इस FIR में एक ऐसे युवक का नाम भी शामिल करा दिया गया, जिसकी मौत चार साल पहले ही हो चुकी थी. मृतक के पिता ने दरोगा से उनके बेटे का नाम हटाने के लिय कहा, क्योंकि युवक की मौत घटना से भी दो साल पहले ही हो चुकी थी. लेकिन दरोगा ने उनकी बात नहीं सुनी और बाकी तीन के साथ मृतक का भी नाम चार्जशीट में लगा दिया.

मृतक के भाई ने आजतक को बताया कि साल 2018 में उसके भाई का प्रेम नगर चौराहे पर एक्सीडेंट हो गया था. इस एक्सीडेंट में उसकी मौत हो गई थी. परिवार के कहने पर भी दरोगा ने नाम नहीं हटाया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी. मृतक के परिजनों को नोटिस मिला. पीड़ित परिवार ने कोर्ट को पूरे मामले के बारे में बताया. जिसके बाद कोर्ट ने आदेश देकर दरोगा समेत तीन लोगों पर केस दर्ज कराया है. वहीं इस पूरे मामले पर उन्नाव के एएसपी शशि शेखर सिंह का कहाना है कि पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. अदालत के आदेश पर केस दर्ज किया गया है, जिसकी जांच सबूतों के आधार पर की जाएगी. फिलहाल विभागीय कार्रवाई की जा रही है, जैसे ही ये कार्रवाई पूरी होती है, मीडिया को इसकी जानकारी दी जाएगी. 

Advertisement

JDU विधायक गोपाल मंडल की ऐसी 'हरकत' पर नीतीश कुमार क्या बोलेंगे?

Advertisement
Advertisement