14 साल का बच्चा. नाम बच्चू. दोस्तों के साथ शहद निकालने जंगल गया. मधुमक्खी का छत्ता तोड़ते वक्त बच्चू का मारा पत्थर एक दूसरे बच्चे के लग गया. बच्चे के चोट आई तो घरवालों ने जाकर थाने में शिकायत कर दी. पुलिस भी एक्टिव हो गई. बच्चू के खिलाफ धारा लगाकर केस दर्ज कर लिया. बच्चू इस शिकायत से इतना घबराया कि पेड़ पर रस्सी डालकर फांसी लगा ली. बच्चों के छत्ते से एक बच्चा कम हो चुका था. बच्चू मर चुका था.उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले का ये किस्सा है. बच्चू सातवीं क्लास में पढ़ता था. दोस्त के घायल होने की शिकायत पुलिस में होने के बाद से काफी परेशान था. पुलिस ने धारा 323, 324 के तहत केस दर्ज किया. बच्चू को पता चला तो पूरा घबराहट से भर गया. दोस्तों ने डराया कि बच्चू अब पुलिस आएगी और तुझे पकड़कर ले जाएगी. बच्चू को जब कुछ नहीं सूझा, तो पेड़ से फांसी लगा ली.

बच्चू
लोगों ने जब बच्चू को पेड़ से लटका देखा तो दौड़ पड़े. बच्चू को उतारा, अस्पताल ले जाया गया. बच्चू की हालत बिगड़ी. डॉक्टरों ने झांसी रेफर कर दिया. झांसी ले जाते वक्त बच्चू की मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक, बच्चू के खिलाफ हल्की धारा में NCR लिखई गई थी. लेकिन दोस्तों ने काफी डरा दिया था. इस वजह से बच्चू काफी डर गया और उसने फांसी लगा ली.


















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