उत्तर प्रदेश में स्पेशल इन्टेंसिव रिविज़न (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. इस प्रक्रिया के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या लगभग 15 करोड़ से घटकर करीब 12 करोड़ रह गई है. यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने दी है.
15 करोड़ मतदाता वाले यूपी में कितने वोटर बचे? SIR के आंकड़े आ गए हैं
नाम हटाए जाने के पीछे कई कारण बताए गए हैं. जांच में 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, 2.17 करोड़ मतदाता दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे, और 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाए गए.


CEO के अनुसार, पुरानी मतदाता सूची में दर्ज 15 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से करीब 12 करोड़ मतदाताओं ने सत्यापन फॉर्म खुद या परिवार के किसी सदस्य के जरिए भरकर वापस किए. इसका मतलब है कि लगभग 81 प्रतिशत मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए, जबकि करीब 18 प्रतिशत मतदाताओं ने फॉर्म वापस नहीं किए.
नाम हटाए जाने के पीछे कई कारण बताए गए हैं. जांच में 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, 2.17 करोड़ मतदाता दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे, और 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाए गए.
अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे अभियान में राजनीतिक दलों ने सहयोग किया और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने जमीनी स्तर पर सत्यापन का काम पूरा किया.
सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तारीख 6 फरवरी है. इसके अलावा, 6 जनवरी से उन मतदाताओं को नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू होगी, जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है. केवल उन्हीं मतदाताओं को वैध रूप से मैप किया गया माना गया है, जिनके हस्ताक्षरित फॉर्म प्राप्त हुए हैं.
उत्तर प्रदेश में 91 प्रतिशत से अधिक मतदाता मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि जिनका सत्यापन अभी बाकी है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे.
मतदाताओं से कहा गया है कि वे 6 फरवरी की तारीख याद रखें, क्योंकि इसी दिन तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं. अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी. निर्वाचन आयोग ने बताया कि वह जिला और राज्य स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ लगातार समन्वय में काम कर रहा है और सभी जानकारियां आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं.
यदि किसी मतदाता का नाम सूची में मौजूद है, तो फॉर्म 6 भरने की जरूरत नहीं है. अगर नाम सूची में नहीं है, तो फॉर्म 6 भरना जरूरी होगा, जो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. जिन मतदाताओं ने निवास स्थान बदला है और BLO से संपर्क किया था, उन्होंने फॉर्म 8 के जरिए अपने विवरण अपडेट किए हैं.
मतदाता अपने मोबाइल फोन पर ECI.net के माध्यम से भी अपना नाम जांच सकते हैं. चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि सभी नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें. यदि नाम नहीं है तो फॉर्म 6 भरें और किसी भी तरह की गलती सुधारने के लिए फॉर्म 8 का इस्तेमाल करें. निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से आगे भी सहयोग बनाए रखने की अपील की है.
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