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CAA प्रोटेस्ट: 18 साल के लड़के की मौत मामले में कट्टरपंथी हिंदू संगठनों के 2 लोग समेत 6 गिरफ्तार

इस पर आमिर के पिता ने जो कहा वो भावुक करने वाला है.

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बायी तरफ आमिर हंजला है. 21 दिसंबर को बिहार बंद बुलाया गया था. इसके बाद से हंजला लापता हो गया. फोटो: सोशल मीडिया, India Today
18 साल का आमिर हंजला. बिहार में आख़िरी बार CAA प्रोटेस्ट के दौरान हाथ में तिरंगा लेकर विरोध करता देखा गया था. इसके बाद बीते 31 दिसंबर को उसकी डेडबॉडी मिली. वो पटना के फुलवारी शरीफ के हारुन नगर का रहने वाला था.
इस मामले में कट्टरपंथी हिंदू संगठनों के दो लोगों समेत 6 को गिरफ्तार किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस
  
की ख़बर के मुताबिक, पुलिस ने 'हिंदू पुत्र संगठन' के नागेश सम्राट (23) और 'हिंदू समाज संगठन' के विकास कुमार (21) को पकड़ा है. मामले में चार और लोगों- दीपक महतो, छोटू महतो, सनोज महतो और रईस पासवान को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, ये चारों 'छंटे हुए अपराधी' हैं.
आमिर हंजला के पिता ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि ये पहली बार है, जब उनके बेटे ने किसी प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. उन्होंने कहा,
''उसकी क्या ग़लती थी? उसने तो तिरंगा पकड़ रखा था.''
'हिंदू पुत्र संगठन' उन 19 संगठनों में शामिल है, जिनके बारे में मई में बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने जानकारी मांगी थी. फेसबुक लाइव के जरिए हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस नागेश सम्राट और विकास कुमार की भूमिका की जांच कर रही है.
21 दिसंबर को बिहार बंद के दौरान ट्रेन रोकी गईं. कई जगह हिंसा, आगजनी और तोड़-फोड़ की घटनाएं भी हुईं. फोटो: India Today
21 दिसंबर को बिहार बंद के दौरान ट्रेन रोकी गईं. कई जगह हिंसा, आगजनी और तोड़-फोड़ की घटनाएं भी हुईं. (फोटो: India Today)

बिहार बंद के बाद से लापता था
21 दिसंबर को RJD और विपक्षी पार्टियों ने बिहार बंद का आह्वान किया था. इस प्रदर्शन में शामिल होने के बाद हंजला लापता हो गया था. फुलवारी शरीफ थाना इंचार्ज रहमान ने बताया कि सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने में इन दोनों की बड़ी भूमिका थी. उनका कहना है,
''हम इन दो संगठनों के दूसरे लोगों से पूछताछ करेंगे. ये ट्रेंड है कि ऐसे संगठन भीड़ को बाहर से लाते हैं. ये दोनों लड़के भी पटना के नहीं हैं. तीन साल पहले भी भीड़ को ऐसे ही लाया गया था. हम और भी सबूत जुटा रहे हैं. हमारा केस मजबूत है.''
कथित तौर पर एक वीडियो में विकास कुमार पुलिस पर ''हिंदुओं के टॉर्चर'' का आरोप लगाता हुआ और ''सभी हिंदू बेटों'' से ''फुलवारी शरीफ आने को'' कहता दिख रहा है.
सिलाई का काम करता था हंजला
हंजला के परिवार ने बताया कि वो दसवीं की पढ़ाई छोड़कर सिलाई की एक यूनिट में काम करता था. हंजला के बारे में रहमान बताते हैं कि वो 21 दिसंबर को साइकिल से काम पर गया था. लेकिन बंद की वजह से उसकी यूनिट बंद थी और RJD के प्रोटेस्ट मार्च में शामिल हुआ. वीडियो फुटेज में वो तिरंगा पकड़े दिख रहा है. उसके परिवार ने आख़िरी बार दिन में 11.45 बजे उससे बात की थी. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया. उसके फोन की अंतिम लोकेशन फुलवारी शरीफ ब्लॉक ऑफिस के पास थी. इसके बाद उसकी बॉडी मिली.
हंजला के पिता ने 21 दिसंबर को ही लापता होने की शिकायत दर्ज़ कराई थी. उनका कहना है कि वो दरभंगा से हैं और हारुन नगर में पिछले आठ साल से किराये पर रह रहे थे. आमिर उनके छह बेटों में से एक था. उनका बड़ा बेटा मदरसे में पढ़ाता है. बाकी चारों अभी पढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा, 'दो समुदायों में बढ़ रहे अविश्वास से प्रशासन को निपटना चाहिए. मेरा बेटा चला गया. ये दूसरों के साथ नहीं होना चाहिए.'


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