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रिश्तेदार के शव के साथ करना पड़ा 600 KM तक सफर, ट्रेन नहीं रुकी!

ट्रेन चेन्नई से दिल्ली आ रही थी पर नागपुर से झांसी तक एक जगह भी नहीं रुकी. आरोप है कि रेलवे अधिकारी यात्रियों की बात को अनसुना करते रहे.

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ट्रेन में शव के साथ सफर करने पर मजबूर हुए यात्री (फोटो- आजतक)
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प्रमोद कुमार गौतम

भारतीय रेल में हम सबने सफर किया होगा. अक्सर ट्रेन्स गाहे-बगाहे आउटर पर, किसी स्टेशन पर रुक जाती हैं. जहां स्टॉपेज न हो वहां भी. लेकिन जब जरूरत हो तब शायद ही रुके. ऐसा ही एक मामला सामने आया है चेन्नई से दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन आ रही तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में.

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क्या है पूरा मामला?

आजतक से जुड़े पत्रकार प्रमोद कुमार गौतम की रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई से हज़रत निज़ामुद्दीन आ रही तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जनरल जनरल कोच में रामजीत(36) नाम का व्यक्ति सफर कर रहा था. रामजीत बांदा जा रहा था. पेशे से रामजीत चेन्नई में टाइल्स लगाने का काम करता था. उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और वो अपने रिश्तेदार गोवर्धन के साथ घर वापस आ रहा था.

रामजीत के रिश्तेदार गोवर्धन के अनुसार, 5 नवंबर की रात जब ट्रेन नागपुर पहुंची, उसी समय रामजीत की तबीयत बिगड़ने लगी. इससे पहले गोवर्धन को कुछ समझ में आता, रामजीत की मौत हो गई. गोवर्धन को ये तब समझ आया जब उसने रामजीत के दिल की धड़कन चेक की. कोई हरकत न होने पर ये समझ आ गया कि रामजीत की मौत हो चुकी है. इसके बाद गोवर्धन ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल की, लेकिन किन्हीं कारणों से कॉल लगी नहीं.

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रेलवे पर आरोप है कि यात्री लगातार मदद मांगते रहे कि शव को ट्रेन से नीचे उतारा जाए पर कोई सुनवाई नहीं हुई. ट्रेन जब झांसी पहुंची तब जाकर GRP आई और शव को ट्रेन से उतारा जा सका. इसके बाद GRP ने शव को पंचनामे के लिए भेज दिया. मृतक के रिश्तेदार गोवर्धन ने बताया कि रामजीत की तबीयत पहले से खराब थी, लेकिन इटारसी पहुंचने तक और भी बिगड़ गई.

रेलवे का जवाब 

पूरे मामले पर टिप्पणी करते हुए रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (झांसी) मनोज कुमार ने बताया कि जानकारी मिलने पर शव को झांसी स्टेशन पर उतार लिया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही क्लियर होगा. घटना ट्रेन नंबर 12651 की है. इस मामले में रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर मदद मांगी गई थी, ट्रेन जब झांसी मंडल(Jhansi Railway Zone) में आई तो डॉक्टर को बुलाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया. परीक्षण के बाद शव को उतार कर आगे की कार्यवाही की जा रही है.

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