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झाड़फूंक करने वाले ने 3 महीने की बच्ची को सलाखों से दागकर मार डाला, प्रशासन ने खुदवाकर लाश निकाली!

कब्र से निकालकर बच्ची के शव का पोस्टमार्टम हुआ, मामला मध्य प्रदेश का है.

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सांकेतिक तस्वीर (आज तक)

मध्य प्रदेश के शहडोल में 3 महीने की बच्ची को गर्म सलाखों से दागने का मामला सामने आया है, जिसके बाद बच्ची की मौत हो गई. आनन-फानन में घर वालों ने बच्ची के शव को दफना भी दिया था, जिसे बाद में प्रशासन ने कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम करवाया है.

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मामला शहडोल के सिंहपुर थाना क्षेत्र के गांव कठौतिया का है. तीन माह की रुचिका कोल की तबीयत बिगड़ने पर मां-बाप उसे झाड़-फूंक करने वाली महिला के पास ले गए. महिला ने इलाज के नाम पर बच्ची को करीब 51 बार गर्म सलाखों से दागा, जिस वजह से उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई. बाद में बच्ची को शहडोल की सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

पोस्टमार्टम के लिए कब्र से निकाला शव

बच्ची की मौत के बाद घर वालों ने शुक्रवार, 3 फरवरी को शव को दफना दिया था. मामला जब तूल पकड़ने लगा, तो प्रशासन ने शनिवार, 4 फरवरी को  पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्र से बाहर निकलवाया. बच्ची को दागने वाली महिला पर ड्रग और मैजिक रेमेडिज एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है. दो आशा कार्यकर्ताओं और एक सुपरवाइजर को निलंबित किया गया है. स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई अधिकारियों के ट्रांसफर भी किए गए हैं और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को शोकॉज नोटिस जारी हुआ है. 

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बच्ची को निमोनिया था

शहडोल के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ अधिकारी (CHMO) आरएस पांडेय ने बताया कि बच्ची को निमोनिया था. स्वास्थ्यकर्मियों ने परिवार वालों को बच्ची को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी. सलाखों से दागने के बाद बच्ची के निमोनिया का इन्फेक्शन और बढ़ गया, जिससे उसकी मौत हो गई.

4 फरवरी को शहडोल के ही सलामतपुर से भी इसी तरह का मामला सामने आया है. यहां रहने वाली तीन महीने की शुभि कोल को सांस लेने में परेशानी होने के बाद घर वाले झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए, जिसने बच्ची को 24 बार गर्म सलाखों से दागा. बच्ची की हालत में सुधार नहीं होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

बीबीसी हिन्दी से बात करते हुए शहडोल जिला कलेक्टर वंदना वैद्य ने कहा, 

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"शहडोल में यह कुरीति लंबे समय से चल रही है और शासन-प्रशासन लगातार अभियान चलाकर इसे खत्म करने की कोशिश कर रहा है. इस मामले में महिला एवं बाल विकास आयोग ने बच्ची को दागने वाली महिला के खिलाफ केस दर्ज करवाया है ताकि दूसरे लोगों को भी सबक मिले."

नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने कहा कि हम इस तरह की प्रथाओं के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे. इस मामले में हमने नोटिस जारी किया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.

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