अपना ही सिस्टम हैक कराने पर तुला है अमेरिकी रक्षा विभाग
और हैकर्स को दे रहा है ढेर सारे डॉलर
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फोटो - thelallantop
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने दुनिया भर से हैकर्स को साइबर सिक्योरिटी में सेंध लगाने के लिए न्यौता दिया है. और सिर्फ कोरा न्यौता ही नहीं. हैक करने वालों को मिलेंगे लाखों डॉलर. असल में अमेरिका के रक्षा विभाग ने 'हैक द पेंटागन' नाम का एक प्रोग्राम शुरू किया है. अगर आप एक अमेरिकी नागरिक हैं, और अमेरिका के सिक्योरिटी सिस्टम को चुनैती देने का बूता रखते हैं, तो अमेरिकी गवर्नमेंट आपको देगी पैसे. मतलब डॉलर. ये सब अमेरिका अपने सिक्योरिटी सिस्टम को चेक करने के लिए कर रहा है. पेंटागन हैकर्स को कितने पैसे देगा ये तो बताया नहीं. लेकिन ये जरूर कहा है कि जो बंदा जितनी बड़ी कमी खोजकर लाएगा, उतना बड़ा इनाम पाएगा. पेंटागन का मानना है कि इसके दो फायदे हैं, एक तो ये पता चलेगा कि सिक्योरिटी सिस्टम कितना स्ट्रॉन्ग है. दूसरा ये कि वो अमेरिकी नागरिक जिनके अंदर छिपा हुआ है हैक करने का टैलेंट, वो बाहर आएगा. इसमें अच्छा परफॉर्म करने वालों को काम करने का मौका मिलेगा. और सरकार के पैसे बचेंगे. पिछले साल जुलाई में हैकर्स ने अमेरिका से 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के सामाजिक सुरक्षा पहचान नंबर के साथ कई संवेदनशील आंकड़े चुरा लिए थे. रूस के संदिग्ध हैकर्स ने भी अमेरिका पर साइबर हमला किया था. साइबर हमले के चलते अमेरिकी रक्षा विभाग (जिसे पेंटागन भी कहते हैं) को ज्वाइंट स्टाफ ई-मेल को बंद करना पड़ा था, जिसके कारण हजारों कर्मचारी 2 हफ्तों तक परेशान रहे थे. पेंटागन अमेरिका रक्षा विभाग का मुख्यालय है. पेंटागन दुनिया की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग है. इस्लामिक स्टेट के कंप्यूटर तंत्रों को नेस्तनाबूत करने के लिए अमेरिका पेंटागन से ही साइबर युद्ध लड़ रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पेंटागन के ही हवाले है.
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