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लड़का-लड़की के घर से गायब होने पर, लड़के की तरफ के दो दर्जन घर जला दिए

चेतावनी दी थी, अगर दो घंटे के अंदर लड़की को वापस न किया तो आग लगा देंगे.

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मध्य प्रदेश के सिहोर ज़िला का नसरुल्लागंज गांव. यहां मुसलमानों के दो दर्जन घरों में आग लगा दी गई. क्योंकि एक मुसलमान लड़के के साथ एक राजपूत लड़की गायब हो गई थी. लड़की 11वीं की स्टूडेंट है और नाबालिग है. दोनों मर्ज़ी से गए थे या फिर लड़का उसको लेकर गया था, इस बारे में अभी कुछ क्लियर नहीं है. लेकिन मुसलमानों के घरों को फूंक दिया गया है.
घर जलाने से पहले गांव के कुछ हिंदुओं ने चेतावनी दी थी,
'अगर दो घंटे के अंदर लड़के और लड़की को हमें नहीं सौंपा तो हम हर घर में आग लगा देंगे. और अगर उसके बाद तुम लोगों ने गांव नहीं छोड़ा या किसी ने दखलअंदाजी करने की कोशिश की तो कोई भी नहीं बचेगा.'
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के तकरीबन सभी मुसलमानों के घर जला दिए गए.
लड़की के पिता ने 4 जुलाई को लड़की के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. लड़की के पिता गांव के डिप्टी सरपंच हैं. कहा जा रहा है कि लड़की स्कूल से घर आते वक़्त स्कूल बस से बीच रास्ते में ही उतर गई थी. जबकि साथ में भाई भी था. लेकिन उसने अपने भाई से बोल दिया कि वो एक रिश्तेदार के घर जा रही है. जब लड़की शाम तक घर वापस नहीं आई तो घर वालों ने पुलिस से शिकायत की.
नसरुल्लागंज में मुसलमानों के घर जला दिए. (सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस)
नसरुल्लागंज में मुसलमानों के घर जला दिए. (सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस)

पुलिस का कहना है कि लड़की साबिर अली नाम के शख्स के साथ गायब हो गई थी. साबिर की उम्र 20 साल से ज्यादा है. जब लड़की वापस नहीं लौटी तो 8 जुलाई को हिंदुओं ने दो दर्जन घरों में आग लगा दी. लड़की साबिर अली के साथ नागपुर पहुंच चुकी थी. पुलिस ने साबिर को ट्रेस किया और उसे पकड़ लिया. वापस नसरुल्लागंज गांव लाकर लड़की को वापस उसके घर भेज दिया गया और साबिर अली को जेल भेज दिया गया है. उसपर रेप और किडनैपिंग का इलज़ाम लगा है.
मुसलमानों का कहना है कि एक आदमी की गलती के लिए पूरे समाज को क्यों सज़ा दी गई? कुरैशा बी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'हमने उनसे कहा कि हम दोषी को मिलने पर जान से मार देंगे, लेकिन आप लोग बाकी लोगों को बख्श दो. लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं थे.' पुलिस ने आगजनी और लूट के इलज़ाम में छह लोगों को भी गिरफ्तार किया है.
ये भी एक भीड़ का रूप है. इसमें कुछ को हिंदू मुस्लिम का एंगल नजर आ सकता है. और इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है. लेकिन जब लड़का-लड़की का मामला होता है तो अक्सर देखा है कि लड़की वाले उसे अपने मान सम्मान से जोड़ते हैं. ये हर कौम, हर बिरादरी में है. सारी इज्ज़त लड़की पर ही लाद दी जाती है. जो कभी किसी का खून करके वापस ली जाती है. कभी घरों में आग लगाकर. ये जुर्म पता नहीं कौन सी इज्ज़त वाले होते हैं. जो लोग लड़का लड़की के मामले में अपनी हदें पार कर जाते हैं. ये जाहिलियत से भरे जुर्म नहीं तो और क्या है? मुजरिमों को सजा मिलनी चाहिए.


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