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इस देश के लोगों ने तख्तापलट करने वाले को ऐसा हराया, बैठना तो दूर, PM की कुर्सी दिखे भी न

10 साल पहले सरकार हटाकर जनरल से सीधे PM बन गया, अब चुनाव में जनता ने लंका लगा दी

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थाईलैंड के आम चुनाव में जनता ने तख्तापलट करने वाले प्रयुत चान-ओचा (दाएं) की पार्टी को तीसरे नंबर पर कर दिया | फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स/ट्विटर

थाईलैंड के आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती में विपक्षी पार्टियां आगे चल रही हैं(Thailand election 2023 result). यहां इस समय पूर्व आर्मी जनरल प्रयुत चान-ओचा की यूनाइटेड थाई नेशन पार्टी सत्ता में है. जिसे सेना का समर्थन हासिल है. लेकिन, इस चुनाव में सेना और सत्ताधारी पार्टी को लोगों ने तगड़ा झटका लगा है. अब तक आए नतीजों से ऐसा लग रहा है कि लोगों ने सेना के समर्थन वाली सरकार के खिलाफ वोट किया है.

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यहां की दोनों विपक्षी पार्टियां प्रोग्रेसिव मूव फॉरवर्ड और फिऊ थाई, प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओचा की पार्टी से आगे चल रही हैं. न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 97 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. मूव फॉरवर्ड पार्टी को 1.35 करोड़ और फिऊ थाई 1.03 करोड़ वोट मिले हैं. जबकि सत्ताधारी यूनाइटेड थाई नेशन पार्टी को महज 45 लाख वोट मिले हैं. थाईलैंड की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजों के रुझानों के बाद दोनों विपक्षी दल गठबंधन के लिए बातचीत के लिए तैयार होते दिख रहे हैं.

थाईलैंड में इस चुनाव को देश की राजनीति का 'टर्निंग प्वाइंट' कहा जा रहा है. दरअसल देश में हाल के कुछ सालों में सैन्य तख्तापलट देखने को मिले हैं. वर्तमान पीएम प्रयुत चान-ओचा ने ही 2014 में सैन्य तख्तापलट का नेतृत्व किया था. उस समय वो थाईलैंड की सेना के कमांडर-इन-चीफ थे. तख्तापलट के बाद से वो देश के पीएम हैं.

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प्रयुत चान-ओचा को चुनौती देने वाले नेता कौन हैं?

इस चुनाव में मूव फॉरवर्ड और फिऊ थाई जैसे दलों से प्रयुत चान-ओचा की पार्टी को कड़ी चुनौती मिली है. दोनों पार्टियां सैन्य शासन का विरोध करती रही हैं. मूव फॉरवर्ड पार्टी का नेतृत्व टेक्नोलॉजी सेक्टर के बड़े अधिकारी रह चुके पिता लिम जारोनार्त कर रहे हैं. जबकि फिऊ थाई का पार्टी का नेतृत्व पेतोंगतार्न शिनावात्रा कर रही हैं. वो पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा की बेटी हैं.

2006 में सेना ने थाकसिन शिनावात्रा को सत्ता से बेदखल कर दिया था. इसके पांच साल बाद साल 2011 में उनकी रिश्तेदार यिंगलुक शिनावात्रा प्रधानमंत्री बनी थीं, लेकिन 2014 में प्रयुत चान-ओचा ने तख्तापलट कर उन्हें भी सत्ता से हटा दिया था.

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