
पकड़ा गया दूसरा शख्स.

पकड़े गए नकली सिक्के बनाने वाले.
खबर मिली थी. 13 अक्टूबर को रोहिणी इलाके में नकली सिक्कों की सप्लाई होने वाली है. पहुंच गई पुलिस और नसीरपुर इलाके के संजय शर्मा और डाबड़ी के सुनील कुमार को धर दबोचा. उनके पास से 10 रुपये के 600 नकली सिक्के पकड़े गए. पूछताछ हुई. जानकारी मिली कि पीरागढ़ी इलाके में उनकी नकली सिक्के बनाने की पूरी फैक्ट्री है. पुलिस ने वहां पहुंच के 200 सिक्के और बरामद किए. सिक्के ही नहीं, मशीनें भी.
ये फैक्ट्री नरेश कुमार की मदद से चलाई जा रही थी, जिसे कुछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्के बनाने के जुर्म में दबोचा था. और फैक्ट्री भी पकड़ी थी. पुलिस का कहना है कि अगर आपको किसी सिक्के पर शक होता है तो पुलिस या बैंक को शिकायत करें, लेकिन सिक्का लेने से कोई इनकार नहीं कर सकता. पकड़े गए लोगों ने कबूल किया है कि कई हजार सिक्के मार्किट में सर्कुलेट हो चुके है.

पकड़ी गई फैक्ट्री.
सिक्के पर ये सब चेक कर लेना
जिस तरीके से नकली सिक्के पकड़े जा रहे हैं, उसके बाद से मार्किट में लोग 10 रुपये के सिक्के लेने में आनाकानी कर रहे हैं. आओ, ये जान लो कि कैसे असली-नकली सिक्के की पहचान की जाए.10 रुपये के नकली सिक्के को पहचानने के लिए सिक्के को पकड़ कर देखिए, उसमें अंदर जहां 10 रुपये लिखा होता है और बाहर की बाउंड्री में फर्क होगा, जबकि असली सिक्का पूरा एक जैसा.
नकली सिक्के में चमक ज्यादा होगी जबकि असली में कम चमक होगी
नकली सिक्का हल्का होगा, असली थोड़ा भारी. सिक्के पर अशोक चिन्ह, 10 रुपये का निशान, इंडिया भारत जैसी चीजें असली सिक्के में बहुत उभर कर नहीं आएंगी, ये सब चीजें सिक्के में लगभग समतल होंगी, जबकि नकली में ये बहुत ज्यादा उभरी हुई होंगी.













