जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के मारे जाने की खबर कहां से आई?
जब एयरफोर्स ने पाकिस्तान में हमला किया, वहां 300 से ज्यादा फोन चल रहे थे
ये दावा किया है NTRO के सर्विलांस ने.
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NTRO का दावा है कि जब इंडियन एयरफोर्स ने एयर स्ट्राइक की थी, उस वक्त आतंकी ठिकानों में 300 से ज्यादा मोबाइल फोन ऐक्टिव थे.
इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की. इसके बाद अलग-अलग बयान आए. किसी ने कहा कि 300 आतंकी मारे गए हैं, किसी ने कहा 250 और किसी ने कहा 400 से ज्यादा. स्ट्राइक इंडियन एयरफोर्स ने की तो उनका भी बयान आया. खुद इंडियन एयरफोर्स के मुखिया बीएस धनोवा मीडिया के सामने आए और कहा कि हमारा काम टार्गेट पर निशाना लगाना है, लाशें गिनना नहीं. लेकिन विपक्ष के लोग इस सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूत मांग रहे थे. और अब इस सर्जिकल स्ट्राइक का एक सुबूत सामने आ गया है. नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) के सर्विलांस से ये खुलासा हुआ है कि जिस वक्त इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के कैंपों पर हमला किया, उस वक्त वहां पर 300 से ज्यादा मोबाइल फोन ऐक्टिव थे.
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने इंडियन एयरफोर्स को ये बताया था कि बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैंप में 300 से ज्यादा मोबाइल फोन ऐक्टिव हैं. इससे ये भी साफ हो रहा था कि वहां पर करीब-करीब 300 लोग मौजूद होंगे. वहीं खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) ने भी सैटेलाइट के जरिए एयरफोर्स को ये बताया था कि कैंप में 280 से ज्यादा आतंकी मौजूद हैं. इसी जानकारी के बाद इंडियन एयरफोर्स ने मिराज 2000 एयरक्राफ्ट के जरिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी. एयर स्ट्राइक के बाद भले ही इंडियन एयरफोर्स ने ये नहीं बताया कि हमले में कितने आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन एयरफोर्स ये ज़रूर कह रही है कि उसे जिस टार्गेट पर निशाना लगाना था, उसने उस टार्गेट पर निशाना लगा लिया है.
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