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कांग्रेस और स्मृति ईरानी अब टि्वटर पर किस बात पर भिड़ गए

मामला अमेठी के कांग्रेस कार्यालय से जुड़ा हुआ है.

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स्मृति ईरानी और कांग्रेस के बीच टि्वटर पर जुबानी जंग जोरों पर हैं.
भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है. लेकिन उत्तर प्रदेश के अमेठी में राजनीति तेज है. यहां पर कांग्रेस और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जोरों पर है. मामला शुरू हुआ अमेठी में कांग्रेस कार्यालय पर प्रशासन के छापे के आरोप से, फिर जा पहुंचा तीन लोगों की पुलिस गिरफ्तारी पर. यहां पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश में स्मृति ईरानी 'सेल्फ गोल' कर बैठीं. उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का बता दिया. कांग्रेस ने फौरन जवाब दिया और स्मृति पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप मढ़ दिया.
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों अमेठी के लिए राहत सामग्री भेजी थी, जिसे गौरीगंज के जनसंपर्क कार्यालय पर रखा गया था. 19 अप्रैल को प्रशासन के अधिकारी अमेठी में कांग्रेस कार्यालय में गए थे. इनमें तहसीलदार और कुछ पुलिसकर्मी थे. इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके कार्यालय पर छापा मारा.
कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा-
स्मृति ईरानी जी, आप बड़ी भूल कर रही हैं. खुद आपने मंत्रालय से अमेठी को कुछ दिया नहीं. अगर राहुल जी, प्रियंका जी मदद कर रहे हैं, तो अधिकारियों से छापा डलवाया जा रहा है. यह सब सामान अमेठी की उस जनता के लिए है, जो कांग्रेस के परिवार जैसी है. छापा मारने वाले अधिकारियों को लेकर जवाब देना पड़ेगा.
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी यह मुद्दा उठाया. साथ ही कांग्रेस के अकाउंट से भी आरोप को दोहराया गया-


अमेठी डीएम का छापेमारी से इनकार
मामला गरमाने के बाद अमेठी के डीएम ने बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि छापा मारने की बात झूठी है. बाद में गौरीगंज के एसडीएम ने भी पत्र जारी किया. इसमें कहा कि राजस्व विभाग के कर्मचारी राहत सामग्री के लाभार्थियों की लिस्ट लेने के लिए कांग्रेस कार्यालय गए थे. छापेमारी नहीं हुई.
स्मृति ईरानी का पलटवार
20 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी डीएम को रीट्वीट किया. साथ ही लिखा-
आदरणीय कांग्रेस, कृपया फेक न्यूज ना फैलाएं. आपके कार्यकर्ता 25 मार्च से अमेठी में इसी प्रशासन के माध्यम से पास लेकर घूम रहें हैं राहत देने के नाम पर. आज तक इसी प्रशासन ने अमेठी को कोरोना मुक्त रखा है. इन्हें परेशान एवं बदनाम ना करें.
फिर उन्होंने एक और ट्वीट किया. इसमें एक खबर की फोटो लगी थी. फोटो में लिखा था, 'कांग्रेस जिलाध्यक्ष का भांजा वियर के साथ गिरफ्तार' स्मृति ईरानी ने साथ ही लिखा कि क्या कांग्रेस इसका बदला ले रही है अमेठी प्रशासन से?

 स्मृति के ट्वीट को कांग्रेस ने बताया फेक न्यूज
यह ट्वीट सामने आने के बाद कांग्रेस ने हमला तेज कर दिया. यूपी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्मृति ने फोटोशॉप कर ट्वीट किया है. कहा गया कि मंत्री की फोटो में जो युवक दिख रहा है, उसका परिवार बीजेपी से जुड़ा है. यूपी कांग्रेस ने लिखा-
 माना कि आपके पास येल की अदृश्य डिग्री है. लेकिन जब फोटोशॉप करती हैं, तो फोटो तो अपने कार्यकर्ता का नहीं लगाना चाहिए मंत्री महोदया. खबर में उसको कांग्रेस वाला बता रही हैं और फोटो में वो आपके साथ खड़ा है. मंत्री जी कुछ काम करतीं, तो आज फोटोशॉप नहीं करना पड़ता.



वहीं एमएलसी दीपक सिंह ने स्मृति ईरानी पर फेक न्यूज का आरोप लगाया. उन्होंने गिरफ्तार व्यक्ति को बीजेपी का बताया. अपने पक्ष में उन्होंने गिरफ्तार व्यक्ति की फेसबुक पोस्ट भी शेयर की.
पुलिस की गिरफ्त में लॉकडाउन तोड़ने के आरोपी. स्मृति ईरानी ने इन्हें कांग्रेस कार्यकर्ता बताया था.
पुलिस की गिरफ्त में लॉकडाउन तोड़ने के आरोपी. स्मृति ईरानी ने इन्हें कांग्रेस कार्यकर्ता बताया था.

'इंडिया टुडे' के पत्रकार आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि अमेठी पुलिस ने कुछ दिन पहले कुछ युवकों को लॉकडाउन तोड़ने पर अरेस्ट किया था. ये युवक शराब खरीदने के लिए बाहर निकले थे. इन्हीं युवकों को कांग्रेस बीजेपी कार्यकर्ता बता रही है और स्मृति ईरानी इन्हें कांग्रेस कार्यकर्ता कह रही हैं. लेकिन बीजेपी के स्थानीय नेता गोविंद सिंह चौहान ने माना कि अरेस्ट किए गए नेता बीजेपी से जुड़े हैं. इनमें से एक बीजेपी के पुराने नेता अनूप अग्रवाल का बेटा है. उन्होंने कहा कि इस मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है.
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