श्रद्धा मर्डर केस से जुड़ी दिलचस्प जानकारी सामने आई है. आजतक ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया है कि श्रद्धा अपने कथित प्रेमी आफताब पूनावाला को छोड़ना चाहती थी, लेकिन उसे ये मंजूर नहीं था. ये बात आफताब पूनावाला के उस दावे के उलट है जिसमें उसने कहा था कि श्रद्धा उस पर शादी करने का दबाव बनाती थी.
"मैंने-श्रद्धा ने अलग होने का फैसला लिया था" - आफताब का चौंकाने वाला खुलासा!
पुलिस को आफताब का नार्को टेस्ट करने की इजाजत मिल गई है. ये टेस्ट एक दिसंबर को किया जाएगा.


जांच के आधार पर पुलिस सूत्रों ने बताया है कि श्रद्धा ने मारपीट और प्रताड़ना से परेशान होने के बाद आफताब को छोड़ने का फैसला किया था. दोनों के बीच कथित रूप से इसकी सहमति भी बन गई थी, लेकिन आरोपी ने उससे पहले ही श्रद्धा को मार दिया. आफताब पूनावाला (Aaftab Poonawala) फिलहाल पुलिस की हिरासत में है. खबर है कि उसे आरोपी का नार्को टेस्ट करने की इजाजत मिल गई है. ये टेस्ट एक दिसंबर को किया जाएगा.
मई में अलग होने का फैसला किया!आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 3 या 4 मई को दोनों ने अलग होने का फैसला किया था. लेकिन आफताब को ये बात पसंद नहीं आई थी. सूत्रों के अनुसार आफताब की निशानदेही पर पुलिस को अब तक 13 हड्डियां मिल चुकी हैं. जबड़ा भी मिल चुका है. कुछ बॉडी पार्ट्स गुरुग्राम से भी बरामद हुए हैं. वहीं फॉरेंसिक टीम को आफताब के महरौली वाले फ्लैट के बाथरूम, बेडरूम और किचन से खून के धब्बों के सैंपल भी मिले हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने कुछ हथियार भी बरामद किए हैं. ये हथियार महरौली के जंगल और आफताब के फ्लैट से मिले हैं. श्रद्धा के शव को किस हथियार से काटा गया, ये CFSL की रिपोर्ट में पता लगेगा. पुलिस ने फ्लैट से कुछ कपड़े भी बरामद किए हैं जो जांच के लिए भेजे गए हैं. पुलिस को शक है कि जब गुमशुदगी की शिकायत के बाद आफताब को मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था उस दौरान भी फ्लैट में बॉडी के कुछ टुकड़े रखे हुए थे.
हमले की कोशिश के बाद सुरक्षा बढ़ाईदिल्ली पुलिस पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए 29 नवंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच आफताब को रोहिणी के FSL ऑफिस लेकर गई. इससे पहले 28 नवंबर को FSL ऑफिस से निकलने के बाद कुछ लोगों ने आफताब की गाड़ी (पुलिस वैन) पर हमला करने की कोशिश की थी. ये लोग पुलिस के सामने ही तलवार लहराते नजर आए थे. इस हमले के बाद आज FSL ऑफिस के बाहर BSF जवानों को भी तैनात किया गया है.
श्रद्धा और आफताब करीब तीन साल मुंबई में लिव-इन में रहे थे. इस साल मई में दोनों दिल्ली आए थे. आफताब पर आरोप है कि लंबे समय से चल रहे झगड़ों के बाद 18 मई को उसने श्रद्धा की हत्या कर दी थी. फिर सबूतों को मिटाने के लिए उसने कई तरकीबें लगाईं. पहले शव को 30 से ज्यादा टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखा. फिर इन टुकड़ों को मेहरौली के जंगल में कई दिनों तक फेंकता रहा. करीब 6 महीने बाद, श्रद्धा के पिता की शिकायत पर हुई छानबीन में पूरी घटना का पता चला. पुलिस ने 12 नवंबर को आफताब को गिरफ्तार किया था.
वीडियो: श्रद्धा हत्याकांड के बाद अब पति के 10 टुकड़े कर फ्रिज में रखे, फिर ठिकाने लगाया!











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