The Lallantop

93 साल की उम्र में की है चौथी शादी, नील आर्मस्ट्रॉन्ग के बाद चांद पर दूसरा क़दम इसी आदमी ने रखा था!

चांद पर चलने वाले केवल चार लोग जीवित हैं, उनमें से एक हैं बज़ एल्ड्रिन.

Advertisement
post-main-image
93 के बज़ एल्ड्रिन और 39 के बज़ एल्ड्रिन (फोटो - ट्विटर)

2009 में राज कुमार हिरानी ने एक फ़िल्म बनाई थी: '3 इडियट्स'. उसमें बोमन ईरानी ने 'डॉ वीरू सहस्त्रबुद्धे उर्फ़ ​​वायरस' का रोल किया था. यही डॉ वायरस जब प्लेसमेंट से पहले स्पीच देते हैं, तो शुरू में ही कहते हैं - 'चांद पर क़दम रखने वाला पहला आदमी कौन था?' उतावले बच्चे हाथ उठाकर कहते हैं, 'नील आर्मस्ट्रॉन्ग'. फिर पूछते हैं, 'दूसरा आदमी कौन था?' बच्चे सन्न. किसी के पास जवाब नहीं, तो कहते हैं - 'दूसरे को कोई याद नहीं रखता!'

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

ये कथन इतना कॉमन है कि और भी जगहों पर इस्तेमाल हुआ. लेकिन अब भी अगर आपसे पूछा जाए कि दूसरा क़दम रखा किसने था? तो शायद कुछ लोग ही सही जवाब देंगे. जवाब है, बज़ एल्ड्रिन. और, आज इनकी चर्चा इसलिए कि बज़ ने 93 की उम्र में चौथी शादी कर ली है. लॉस एंजलिस में. इस मौक़े पर बज़ एल्ड्रिन ने ये भी कहा कि वो इस शादी के लिए टीनेजर्स की तरह ही उत्सुक हैं. ट्वीट किया,

''अपने 93वें जन्मदिन पर मुझे ये बताते हुए बेहद ख़ुशी हो रही है कि मैं और डॉ एनका फॉर ने शादी कर ली है. लंबे वक़्त से एनका और मैं एक-दूसरे से प्यार करते हैं. हम भागे हुए टीनेजर्स की तरह ही उत्साहित हैं."

Advertisement

बज़ की शादी डॉ फ़ॉर एनका से हो रही हैं, जो 63 साल की हैं. केमिकल इंजीनियरिंग में Ph. D हैं. और अभी, एल्ड्रिन की कंपनी में एक्ज़ीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं.

हालांकि, ये उनका जीवन है. कितनी भी बार शादी करें, या न करें. हम आपको उनकी कहानी सुनाते हैं.

कौन हैं बज़ एल्ड्रिन?

चांद पर अब तक सिर्फ़ 12 लोग ही जा सके हैं. उनमें से केवल चार ही जीवित हैं, जिसमें से एक बज़ हैं.

Advertisement

1969 के अपोलो-11 मिशन ने अमेरिका को स्पेस रेस में जीत दिला दी थी. 1961 में ही अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी ने एलान किया था कि अमेरिका दस सालों के अंदर एक मिशन पूरा करेगा, जिसमें आदमी सकुशल चांद पर जाएगा और लौटेगा. इस मिशन के कमांडर नील आर्मस्ट्रॉन्ग थे. और, उनके साथ इसी स्पेस-क्राफ़्ट में चांद पर जाने वाले थे बज़ एल्ड्रिन. दोनों 2 घंटे 36 मिनट तक मून पर थे. ढाई घंटे की ये मूनवॉक 60 करोड़ लोगों ने टीवी पर देखी थी. चांद से नील ने रेडियो के ज़रिए कहा था, 'ये एक इंसान के लिए छोटा क़दम है, इंसानियत के लिए एक बड़ा क़दम है.'

बज़ एल्ड्रिन ने कहा था, 'शानदार और वीरानगी.'

बज़ का जन्म हुआ था 20 जनवरी, 1930 को. अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य में. 1951 में यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री अकादमी वेस्ट पॉइंट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया. उन्हें अमेरिका की वायु सेना में नियुक्त किया गया था. कोरियाई जंगों के दौरान उन्होंने एक जेट पायलट के तौर पर काम किया.

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) से एस्ट्रोनॉटिक्स में डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री ली. इसके बाद एल्ड्रिन को NASA के एस्ट्रोनॉट ग्रुप-3 के लिए चुना गया. बज़ डॉक्टरेट की डिग्री पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री भी हैं. फिर 1971 में उन्होंने नासा छोड़ दिया. फिर US एयर फ़ोर्स टेस्ट पायलट स्कूल के कमांडेंट बन गए. 21 सालों तक वहीं काम किया.

कुछ साल पहले ऐसी ख़बरें आई थीं कि बज़ एल्ड्रिन शराबनोशी और डिप्रेशन के शिकार हो गए थे. अपनी आत्मकथाओं - 'रिटर्न टू अर्थ' (1973) और 'मैग्निफिसेंट डेसोलेशन' (2009) - में उन्होंने शराबनोशी के दिनों के बारे में लिखा भी है. एल्ड्रिन अंतरिक्ष को एक्सप्लोर करने और ख़ासतौर पर मंगल ग्रह पर मानव मिशन की वक़ालत करते रहते हैं. 
 

वीडियो: साइंसकारी: चांद की मिट्टी पर पौधा उगाने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़े?

Advertisement