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अडानी ग्रुप पर SEBI कर रही है 'तगड़ी' जांच, मूडीज ने चार कंपनियों की रेटिंग घटा दी!

अडानी ग्रुप के FPO को लेकर जांच कर रही है SEBI.

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उद्योगपति गौतम अडानी. (फाइल फोटो)

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI), अडानी समूह (Adani Group) की जांच कर रही है. जांच इस बात की हो रही है कि अडानी ग्रुप के शेयर्स में पैसा लगाने वाली कंपनियों का समूह से क्या लेना देना है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg) आने के बाद अडानी समूह ने अपना 20 हजार करोड़ रुपए का FPO वापस ले लिया था. इस रिपोर्ट के बाद अडानी समूह के शेयर्स तेजी से गिरे थे और ग्रुप को भारी-भरकम नुकसान हुआ था.

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इधर रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अडानी समूह की चार कंपनियों की रेटिंग घटा दी है. इन कंपनियों में अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अडानी ग्रीन एनर्जी रेस्ट्रिक्टेड ग्रुप, अडानी ट्रांसमिशन स्टेप वन लिमिटेड और अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड शामिल हैं. मूडीज की तरफ से कहा गया कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में धोखाधड़ी और हेरफेर के आरोपों के बाद समूह की कंपनियों मार्केट कैपिटल में भारी गिरावट आई है, जिसके चलते ये कदम उठाया गया है. 

किसकी जांच हो रही है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्चेंज बोर्ड ऑफ इंडिया माने सेबी ने अडानी समूह के FPO से जुड़े एंकर निवेशकों की जांच का आदेश दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसको लेकर सेबी मॉरीशस बेस्ड दो कंपनीयों पर नजर रखे हुए. ये कंपनी हैं ग्रेट इंटरनेशनल टस्कर और आयुषमत लिमिटेड. इन दोनों ही कंपनियों ने अडानी के FPO में निवेश किया था. अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सेबी की जांच का फोकस इस बात पर होगा कि एंकर निवेशक फाउंडर समूह से जुड़े हैं या नहीं?

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इससे पहले अडानी समूह ने 20 करोड़ रुपये के अपने फ्लैगशिप FPO को 27 से 31 जनवरी के लिए ओपन किया था. ये FPO अपने ऑफर के आखिरी दिन पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया था. हालांकि, समूह ने एक फरवरी को इसे वापस ले लिया था. समूह की तरफ से कहा गया था कि मार्केट में उथल-पुथल मची हुई है, ऐसे में ये कदम उठाया गया है.

हिंडनबर्ग से कानूनी लड़ाई

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी समूह ने हिंडनबर्ग से लीगल बैटल के लिए अमरीकी लीगल फर्म वाचटेल को हायर किया है. ये कंपनी फेमस विवादित मामलों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मशहूर है. अडानी समूह ने अपनी लीगल फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास की मदद से अमरीकी फर्म से कॉन्टैक्ट किया है. एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर के अधिग्रहण को लेकर भी इस कंपनी ने ही केस लड़ा था. 

वीडियो: अडानी को कैसे मिले देश के 6 बड़े एयरपोर्ट? गड़बड़ी के आरोप का सच क्या?

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