'यहां नहीं होता... अगले काउंटर पर पता कीजिए.' जिन लोगों ने बहुत दिनों से लाइन नहीं सुनी है, वो इन दिनों SBI ऑफिस में जाकर इस सुनहरे मौके का लाभ उठा सकते हैं. खासकर वो 6 लाख लोग, जिनके एटीएम कार्ड ब्लॉक कर दिए गए हैं.
लाखों ATM कार्ड ब्लॉक हो गए हैं, कहीं आपका भी तो...
'यहां नहीं बताएंगे... अगले काउंटर पर पता कीजिए.'

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को अपने लगभग 6 लाख यूजर्स के एटीएम ब्लॉक कर दिए, क्योंकि बैंक को एक थर्ड पार्टी एटीएम से आए वायरस से सिक्यॉरिटी टूटने का खतरा है. कस्टमर्स की सुरक्षा के लिहाज से बैंक लगातार चेतावनी दे रहा है और जिन लोगों के एटीएम ब्लॉक हुए हैं, उन्हें दोबारा कार्ड इशू किए जाएंगे. SBI को जिस वायरस का डर सता रहा है, उससे कस्टमर्स के पैसों से छेड़छाड़ हो सकती है और बैंक की जानकारी भी लीक हो सकती है. इसलिए SBI ने पहले ही ऐतिहाती कदम उठा लिए हैं.

इस बारे में SBI के चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर शिव कुमार भसीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'ये सुरक्षा में खलल का मामला है. दिक्कत थर्ड पार्टी ATM से है. हमारे बैंक का सिस्टम पूरी तरह ठीक है. कई दूसरे बैंकों की सिक्यॉरिटी में भी परेशानी आई है और ये कई दिनों से हो रहा है. SBI के जो कस्टमर्स सिर्फ SBI के एटीएम से ट्रांजैक्शन कर रहे थे, उन्हें कोई खतरा नहीं है, लेकिन कुछ डेबिट कार्ड वायरस इन्फेक्टेड हैं. जब लोग अपने कार्ड को इन्फेक्टेड एटीएम में यूज करते हैं तो उनकी जानकारी लीक होने और बैंकिंग फ्रॉड होने का खतरा बढ़ जाता है.'
असल में ये पूरा रायता हिताची की एटीएम मशीनों की वजह से फैला है, जो थर्ड पार्टी है. इसके एटीएम में कार्ड यूज करने के बाद अलग-अलग बैंकों के कई यूजर्स ने बैंकिंग फ्रॉड की शिकायत की है. किसी के पैसे निकाल लिए गए तो किसी के डेबिट कार्ड ने काम करना बंद कर दिया. हालांकि, हिताची ने इससे इनकार किया है. RBI की तरफ से अभी तक कोई ऐसा नियम नहीं है, जो बैंकों को इस तरह के सिक्यॉरिटी ब्रीचेस के बारे में अपने कस्टमर्स को बताने के लिए बाध्य करता हो, इसलिए कई बैंकों ने अभी तक खुलकर जानकारी नहीं दी है.

RBI वेबसाइट के मुताबिक जुलाई, 2016 तक एसबीआई के पास 20.27 करोड़ डेबिट कार्ड यूजर्स थे, जिनमें से लगभग 6 लाख यानी 0.25% कस्टमर्स के कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं. अब उन्हें कार्ड के लिए अप्लाई करना होगा, लेकिन इसके लिए पैसे नहीं देने होंगे. हालांकि, SBI ने अपने कस्टमर्स के लिए जिस तरह से आगे बढ़कर कदम उठाया है, वो इसके ऑफिस के सुस्त वर्किंग स्टाइल से काफी अलग है.
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