कर्नाटक सरकार ने अपने सभी विभागों के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ सभी लेन-देन पर रोक लगा दी है. सिद्दारमैया सरकार के वित्त विभाग ने 14 अगस्त को यह आदेश जारी किया है. राज्य के सभी विभागों को इन बैंकों में अपने खाते बंद करने और अपनी जमाराशि तुरंत निकालने को कहा गया है. साथ ही इन दोनों बैंकों में रखे सभी फिक्सड डिपॉजिट (FD) को 9 सितंबर के पहले निकाल लेने की बात की है.
कर्नाटक में SBI, PNB के सभी लेन-देन पर लगी रोक, सरकारी विभागों पर आदेश लागू
आदेश में कहा गया है कि SBI, PNB में कोई जमाराशि या निवेश नहीं किया जाना चाहिए. वित्त विभाग के सचिव डॉ. पीसी जाफर की ओर से जारी निर्देश में लिखा है कि कथित दुरुपयोग के बारे में कई बार चेतावनियां दिए जाने के बाद भी बैंकों ने कोई कदम नहीं उठाया, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया है.


आजतक के नागार्जुन की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों बैंकों पर सरकारी धन के ‘दुरुपयोग’ के आरोप लगे थे. यह आदेश इन आरोपों को लेकर मचे बवाल के बीच आया है. इसमें कहा गया है कि दोनों बैंकों में कोई जमाराशि या निवेश नहीं किया जाना चाहिए. वित्त विभाग के सचिव डॉ. पीसी जाफर की ओर से एक निर्देश जारी किया गया है. इसमें लिखा है कि कथित दुरुपयोग के बारे में कई बार चेतावनियां दिए जाने के बाद भी SBI और PNB ने कोई कदम नहीं उठाया, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया है.
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राज्य में सरकारी विभागों के ज्यादातर खाते SBI और PNB में संचालित किए जा रहे हैं. इस फैसले के बाद इन सभी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों, सभी निगमों व स्थानीय निकायों और यूनिवर्सिटी समेत अन्य संस्थानों को अपने SBI और PNB खातों को बंद करके जमाराशि को निकालना होगा.
SBI देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. इसकी मार्केट वैल्यू 7.17 लाख करोड़ रूपये हैं. इससे पहले 13 अगस्त को कर्नाटक सरकार ने एक फैसले में कहा था कि राज्य के अस्पतालों में पीएम जन औषधी केंद्र नहीं होंगे. राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में जन औषधी केंद्र खोलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है.
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