क्या है इस किताब में?
किताब का नाम है 'वीर सावरकर कितने वीर? इसमें लिखा है कि सावरकर जब 12 साल के थे तब उन्होंने मस्जिद पर पत्थर फेंके थे. किताब में नाथूराम गोडसे और सावरकर के संबंधों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई है. इसमें लिखा है कि सावरकर अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार के लिए लोगों को उकसाते थे. ये भी लिखा है कि सावरकर ने जेल से बाहर आने के लिए अंग्रेज़ो से लिखित में माफी मांगी थी. आश्वासन दिया था कि वो दोबारा किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे'.
किताब का वो हिस्सा जिसमें सावरकर के बारे में लिखा है कि नाथूराम गोडसे से उनके शारीरिक संबंध थे.इस किताब में एक जगह लिखा है,
ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले नाथूराम गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्यौरा मिलता है. यह समलैंगिक संबंध थे. उनका पार्टनर था उनका राजनैतिक गुरु वीर सावरकर.किताब के इसी पेज पर लिखा है
क्या सावरकर ने हिन्दुओं को अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया?
इसके जवाब में लिखा है,
यह सही है. सावरकर ने बलात्कार को एक न्यायसंगत राजनैतिक हथियार बताया था. अपनी पुस्तक सिक्स ग्लोरियस एपोक्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री में जानवरों की व्यावहारिक प्रवृत्ति को जोड़ते हुए सावरकर ने व्याख्या की कि कैसे हर जानवर अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपनी आबादी बढ़ाना चाहता है. यहां तक कि रावण और सीता के बारे में वे कहते हैं, कि शत्रु की महिला को अगवा करने और उससे बलात्कार करने को तुम अधर्म कहते हो? ये तो परोधर्म है. महानतम कतर्व्य. उनके अनुसार हिन्दुओं के विरुद्ध मुस्लिम महिलाएं इसलिए भाग लेती हैं क्योंकि उन्हें हिन्दू पुरुषों से इसके लिए बदला लिए जाने का डर नहीं होता है. जो कि इस विकृत सोच से ग्रस्त हैं कि महिलाओं को शिष्टाचार और सम्मान देना चाहिए.
किताब का वो हिस्सा जिसमें लिखा है कि सावरकर ने हिन्दुओं को अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया.इस किताब में लिखी बातों को लेकर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है. बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा,
महिलओं को तंदूर में जलाने वाली कांग्रेस से उम्मीद भी और क्या की जा सकती है. कांग्रेस सिर्फ सोनिया गांधी के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है, इसलिए ऐसी बातें करती है क्योंकि उसे इस बात का डर है कि देश में कश्मीर, अयोध्या और ट्रिपल तलाक पर इतने बड़े फैसले हुए लेकिन एक दंगा नहीं हुआ. इसलिए जानबूझकर मुस्लिमों का वोट लेने के लिए कांग्रेस ऐसा करती है.क्या कहना है कांग्रेस का?
इस किताब के बांटे जाने पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा ने कहा,
कांग्रेस सेवादल में जो साहित्य बांटा गया है वो कोई नया नहीं है. सावरकर के बारे में जो कहा गया है वो जगजाहिर है. उन्होंने अंग्रेजों से माफी मांगी थी ये जगजाहिर है. देश को बांटने की जिन्ना की सोच का कहीं न कहीं सावरकर ने समर्थन किया था. ये साहित्य है और ये साहित्य कोई कांग्रेस ने नहीं लिखा, ये तो साहित्यकारों ने लिखा है. देश को इन सब बातों के बारे में आज जानना चाहिए. जिस तरह से देश मे आज गोडसे को देशभक्त बताने का काम कुछ नेता कर रहे हैं ऐसे में देश के सामने ये तथ्य आने चाहिए कि देश के लिए किसने बलिदान दिया और किसने अंग्रेजों का साथ दिया.
भारत की आजादी के इतिहास का सबसे विवादित किरदार क्यों बने सावरकर?























