सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी किया है. राकेश टिकैत ने भी मीडिया से बात की है.
सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या और उसे बैरिकेड्स से लटकाने के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा था कि इस घटना के पीछे निहंग समूह का हाथ है. अब संगठन ने आधिकारिक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि जान गंवाने वाले युवक और निहंग समूह से उनका कोई संबंध नहीं है. वे इस पूरे मामले की जांच और क़ानून के मुताबिक़ दोषियों को सज़ा की मांग करते हैं.
क्या है बयान में?
संयुक्त किसान मोर्चा ने का कहना है कि सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह नाम के व्यक्ति की हत्या के लिए घटनास्थल के एक निहंग समूह ने जिम्मेवारी ली है. कहा है कि ऐसा उस व्यक्ति द्वारा सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी करने के कारण किया गया. बयान में यह भी बताया गया है कि मृतक उसी समूह के साथ पिछले कुछ समय से रह रहा था.
"संयुक्त किसान मोर्चा इस नृशंस हत्या की निंदा करते हुए यह स्पष्ट कर देना चाहता है कि इस घटना के दोनों पक्षों, इस निहंग समूह या मृतक व्यक्ति, का संयुक्त किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं है. हम किसी भी धार्मिक ग्रंथ या प्रतीक की बेअदबी के ख़िलाफ़ हैं, लेकिन इस आधार पर किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है. हम यह मांग करते हैं कि इस हत्या और बेअदबी के षड़यंत्र के आरोप की जांच कर दोषियों को क़ानून के मुताबिक़ सजा दी जाए."
बयान में संगठन ने आगे कहा कि किसी भी क़ानून सम्मत कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन को का सहयोग करेंगे. आधिकारिक बयान के आखिरी में एसकेएम ने कहा,
"लोकतांत्रिक और शांतिमय तरीक़े से चला यह आंदोलन किसी भी हिंसा का विरोध करता है."
हत्या पर टिकैत क्या बोले?
इस मामले में किसान नेता राकेश टिकैत ने भी एक बयान दिया है. आजतक से बात करते हुए टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले ही बयान जारी करके यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों पक्षों से हमारा कोई संबंध नहीं था. अब इसके आगे पुलिस और प्रशासन अपनी जांच कर रही है. निहंग समूह द्वारा बनाए वायरल वीडियो के संबंध में उन्होंने कहा,
"हत्या हुई, नहीं होनी चाहिए थी. ग़लत हुआ. जिसको भी पता है की हत्या किसने की है, वो सरकारी गवाह बने और पुलिस को बता दे. ना हम थे वहां, ना आप थे! क़ानून इसकी जांच करेगा. प्रशासन लगा हुआ है."
लखबीर सिंह, पंजाब के ज़िला तरनतारन के चीमा कला गांव के रहने वाले थे. पुलिस ने पुष्टि की है कि लखबीर, अनुसूचित जाति से थे और किसी भी तरीक़े की अपराधिक या राजनीतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक़ नहीं रखते थे. गांव में उनकी पत्नी और 3 बच्चे हैं. हरियाणा पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.