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How to approach a girl पर क्या बोले यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव

लल्लनटॉप शो में विपक्षियों को जमकर घेरा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने.

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लल्लनटॉप शो में पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव.
यूपी वालों के टीपू भइया. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दोपहर करीब 3:15 पर एंट्री मारी. उत्तर प्रदेश की राजघानी लखनऊ में सजे लल्लनटॉप के मंच पर. आना तो उनको 2 बजे था, पर आए देर से. ये देरी इसलिए हुई कि वो एक मीटिंग में चले गए थे. अपने पापा के साथ. मुलायम सिंह यादव के साथ. लौटे तो सीधा लल्लनटॉप इस्टाइल में एंट्री मारी. समर्थकों ने भी बंपर स्वागत किया. अखिलेश यादव जिंदाबाद. बैठे तो पहला सवाल भी मीटिंग पर दाग दिया गया. क्या चर्चा हुई मीटिंग में? अखिलेश मुस्कुरा के बोले- पिता ने आशीर्वाद दिया है. फिर सवालों का सिलसिला बढ़ा और टीपू भइया अपने मशहूर चुटीले अंदाज में एक-एक कर सभी विपक्षियों को घेरने लगे. क्या योगी, क्या मोदी. कोई नहीं बचा. बुआ को भी याद करना नहीं भूले. पढ़ें इंटरव्यू-
जिस स्कूल में पढ़ाई की, वहां चीफ गेस्ट बनकर जाने का अनुभव क्या था? मिलिट्री स्कूल में बहुत अनुशासन होता है. मैंने वहां सीखा, वक़्त की कद्र करना.
आपको भी किसी ने कहा था, बीटेक कर लो. सही रहेगा? मैंने सिविल इंजीनियरिंग की. ये रॉयल टाइप होती है. शायद वहीं से निर्माण करना सीखा, जो आज राजनीति में भी काम आ रहा है. कॉलेज लाइफ के बारे में बताते हुए बोले- मेरी तो इतनी बार बैक आई कि किसी बच्चे की नहीं आती होगी. कई बार फेल हुआ मैं.
कॉलेज में जिप्सी ले जाने का किस्सा बताइए? यहां बैठे बच्चे समझ सकते हैं. जवानी में साइकल और बाइक से ज्यादा जिप्सी का शौक होता है. मुझे भी हुआ था, कॉलेज में. जिप्सी का. सो ले गया था.
डिंपल जी से पहली बार खेल की प्रैक्टिस के दौरान ही मिले थे? एकदम सही पकड़ा आपने. (इसके बाद जो जनता हंसी है, देखने वाला था)
हाउ टु अप्रोच अ गर्ल, ये भी बता दीजिए? मुझे आज के जमाने का नहीं पता, लेकिन इन लड़के लड़कियों का फोन ले लो, तो सब पता चल जाएगा.
शादी की बात आई तो दादी का सहारा लिया? हां. दादी ने कहा, जो हो रहा है होने दो. और शादी हो गई.
पापा को बताने की बात आई, तो क्या कहा? बस ये कि कर्नल अंकल आ रहे हैं? हां, क्योंकि पापा तब डिफेंस मिनिस्टर थे और कुछ बताना ठीक नहीं होता.
पांच साल का कार्यकाल रहा, एक्सप्रेस वे बनाया, और भी कई काम किए. 2017 में जनादेश क्यों नहीं मिला? हम समाजवादी लोग अपना काम करते रहे, लोगों को बताते रहे. पर सामने वाले बहकाते रहे. लोगों को भड़काते रहे. उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस तरह का हाईवे बना. आगे हर जिला मुख्यालय को जोड़ देता. मझे लगा था लैपटॉप पर वोट मिलेगा. पर लोगों ने गाय पर वोट दिया. मैंने तो कहा था, जो एक बार एक्सप्रेस वे पर चल लेगा, वो सपा को वोट देगा. देखिए, आप भी तारीफ कर रहे हैं(हमारे सरपंच के लिए). मैंने एक फैन तो यहीं बना लिया. तभी आपने आज कपड़े भी लाल रंग के पहने हैं.
2017 चुनाव में वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस को आप जनरल वार्ड में ले आए? मैं चाहता था दो युवा नेता साथ आएं. देश को आगे बढ़ाएं. देखिए, आज लोग नया भारत बनाना चाहते हैं, मगर लोगों को कुछ नहीं देना चाहते हैं.
लल्लनटॉप के मंच पर खुलकर बोले अखिलेश यादव.
लल्लनटॉप के मंच पर खुलकर बोले अखिलेश यादव.

कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए सीएम योगी बोले- अस्पताल का फीता काट दिया पर वहां स्टाफ तक नहीं? योगीजी को कैंसर के बारे में कुछ नहीं पता. उनको नहीं पता कि कैसे इलाज होता है, कहां होता है. मुझसे बता देते, मैं बता देता कि मरीजों को कहां भेजना है. उनको लोहिया भेज देते. मेडिकल कॉलेज भेज देते. खैर ये वैसी ही बात है कि मुझसे मंत्र पढ़ने को कहोगे तो कैसे करूंगा. मुझसे लैपटॉप लाने को कहो तो दुनिया का सबसे अच्छा लैपटॉप ला देता. मुख्यमंत्री योगी जी ने तो गोमती का किनारा भी नहीं बनने दिया. सारे लड़के-लड़कियों से पूछिए. वो यही चाहते हैं- वहां लाइट लग जाए, फव्वारे लग जाएं, ताकि सारे लोग वहीं जाएंगे सेल्फी लेने. दरअसल, योगीजी सोचते हैं दिल्ली वाले बना देंगे. दिल्लीवाले सोचते हैं, उत्तर प्रदेश वाले बना लेंगे. 2019 आ जाएगा और दोनों कुछ नहीं बनवाएंगे.
2019 में क्या होगा, गुजरात के चुनाव आ रहे हैं. क्या लगता है, वहां क्या होगा?
मुझे नहीं पता गुजरात में क्या होगा, मैं उत्तर प्रदेश का जानता हूं. यहां का मुझे पता है कि यहां कुछ नहीं होने वाला है अब.
आपके कई प्रॉजेक्ट जैसे मेट्रो, स्टेडियम अधूरे रह गए. आपके समय के एक अधिकारी ने बताया कि थोड़ा टाइम पहले काम करवाते तो सब पूरा हो जाता. क्या कहेंगे इस पर? शायद मैंने उस अधिकारी को अच्छी पोस्टिंग ना दी हो. बाद में तो अधिकारी ऐसा बोलते ही हैं.
लोगों का आरोप था कि आपकी सरकार में पांच मुख्यमंत्री थे, उसके बारे में क्या कहना है? मैं तो अपने बड़ों से सलाह लेता था. उसमें क्या गलत था. सलाह लेकर काम करता था. BJP के यहां तो एक मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री और दो बोलने वाले मुख्यमंत्री हैं. इनके बारे में भी बात करिए.
इवीएम मशीन पर क्या कहना है? इवीएम मशीन में खराबी को, लोगों को कहना है. लोगों को मशीन पर शक है. मैंने चुनाव आयोग को लिखा. कहा- ये मशीन जो बस बीजेपी को वोट देती है, तो ऐसी गड़बड़ियों को कैसे ठीक करते हो. हमको बस इतना बता दो. हो सके तो एक बार करके भी बता दो.
मुलायम जी तो आपसे कहते हैं कि मोदी जी से सीखो? पीएम अमेरिका में फेसबुक मालिक से मिलते हैं. यहां रमजान, दिवाली की बात करते हैं.
राहुल से दोस्ती पर क्या कहेंगे, क्या अब भी दोस्ती बरकरार है? राहुल दोस्त हैं. रहेंगे. अब दोस्त कैसा भी हो, दोस्त होता है. कोई नहीं बदलना चाहता अपना दोस्त. क्या आप अपने दोस्त बदलते हैं.
लोग कहते हैं, नीतीश-लालू साथ आ सकते हैं तो अखिलेश-माया क्यों नहीं? लोग ही नहीं साथ आने देंगे. क्या करें. अब हम तो उनको बुआ कहते हैं. इसीलिए तो कहते हैं कि शायद वो साथ आ जाएं.
पिता के तौर पर क्या अनुभव है? बच्चों का होमवर्क करवाते हैं? हम तो कराते हैं बच्चों का होमवर्क. उन्हें प्यार भी खूब करते हैं. अब हमारे तो बच्चे हैं, लेकिन बाकी लोग क्या करते होंगे (योगी का नाम लिए बिना चुटकी ली). ये भी बोले कि बच्चों को मारा कभी नहीं.
बीएचयू में छात्राओं पर लाठियां चलीं, क्या कहेंगे? बीजेपी वाले हैं, लाठी तो चलाएंगे हीं. पूरे प्रदेश में यही हाल है. ग्राम रोजगार सेवकों पर भी चलाई थीं.
आपकी फेवरेट हिरोइन कौन हैं? ये बताना अब सही नहीं होगा. वैसे ये पुराना सवाल है. आपको पूछना चाहिए, किसको फॉलो करते हैं.
चलिये, सवाल बदल लेते हैं, बता दीजिए, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर किसको फ़ॉलो करते हैं? वेरीफाइड अकाउंट से बहुत कम लोगों को फॉलो करता हूं. हां, बिना टिक वाले से कई लोगों को फॉलो करता हूं.
आखिरी फिल्म कौन से देखी थी? टॉयलेट देखी थी. अच्छी फिल्म थी. अक्षय कुमार को बधाई भी दी थी.
गाने कौन से सुनते हैं आप? एआर रहमान ने कोई नया म्यूजिक निकाला है. वो सुनुंगा. अच्छे गाने सुन लेता हूं. आज अखबार में पढ़ा कि एआर रहमान कोई नया गाना लेकर आए हैं. वो गाना खोज रहा हूं. सुना है नोटेबन्दी पर है.
नोटबंदी का जिक्र आ गया तो उस पर भी बोल दीजिए? बीजेपी के लोगों ने सबको समझा दिया. भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा. मैंने जनता को समझाया पर उन्हें नहीं समझ आया. आज आंकड़ें सामने हैं, कोई फायदा नहीं हुआ. भ्रष्टाचार खत्म करने में टेक्नॉलजी की मदद लेनी चाहिए थी. देखिए हमने तो लैपटॉप बांटे. मोदी जी ने तो नहीं बांटा कुछ. जो डिजिटल इंडिया बना रहे हैं, उन्हें जात और धर्म के नाम पर लड़ा दिया बस. एक दिन तो मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ. मुख्यमंत्री जी कह रहे थे, वो सैमसंग लेकर आए. मैंने सोचा, हद है. अरे कमसेकम फाइल तो खोलकर देख लो.
मोदी, योगी, माया सब पर बोले टीपू भइया.
मोदी, योगी, माया सब पर बोले टीपू भइया.

आप तो टेक्नॉलजी की बात करते हैं, फिर नोएडा क्यों नहीं गए? इस बार नहीं जा पाया. अगली बार मुख्यमंत्री बनूंगा तो नोएडा जरूर जाऊंगा.
कार्यकर्ता पूछते हैं, आपसे संपर्क करना हो तो क्या करें, ट्वीट करें? वाट्सऐप नम्बर मिल जाता तो अच्छा होता? ये सब स्मार्ट लोग हैं. इनको पता होता है, कब कैसे संपर्क करना है. ये लोग जितनी तेजी से साइकिल चलाएंगे, उतनी तेजी से सरकार बनेगी. तरक्की और खुशहाली के लिए साइकल चलाएं. नई पीढ़ी को जाति धर्म से ऊपर उठकर वोट करना चाहिए.
आपके समय कांवड़ियों के लिए डीजे का साउंड बंद करवा दिया गया था, विवाद पर क्या कहेंगे? हमने डीजे बैन किया तो उन्होंने भी किया. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है इसपर. अब कहीं लॉ एंड ऑर्डर की दिक्कत होगी तो करना पड़ता है. हमने अयोध्या और बनारस में भजन के लिए इंतजाम करवाया.
सुन है योगी जी अयोध्या जा रहे हैं, भजन सुनने? पता नहीं क्या सुनेंगे. डीजे वाला भजन कि सुब्बलक्ष्मी वाला भजन.
लोग कह रहे हैं कि विपक्ष में अखिलेश ही मोदी को चुनौती दे सकते हैं, क्या सोचते हैं आप? हम अपना काम करेंगे. लोगों को बताएंगे. सबको एकजुट होना चाहिए.
टीपू भइया जाते-जाते क्या संदेश देंगे? हार्ड वर्क नेवर गोज अनरिवॉर्डेड. लक्ष्य बनाएं, शॉर्टकट नहीं काम आएगा. साथ ही लोगों की जीवनियां पढ़ो, उत्साह मिलेगा. मैं इंजीनियर बनना चाहता था, मगर नेता बन गया. अब नेता बना रहूंगा.
क्या अनुभव के लिए इस सरकार को अखिलेश के साथ चर्चा करती रहनी चाहिए? मैं चाय पीता नहीं हूं. और मैंने सुना है- वो लोग बुलाकर मट्ठा पिलाते हैं. उससे गला खराब हो जाता है.
अखिलेश यादव का लल्लनटॉप इंटरव्यू:

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