
सदगुरु जग्गी वासुदेव.
जनवरी 2017 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण देने की घोषणा की थी. इनको याद करना करना हो तो शिवजी की वो 113 फुट ऊंची मूर्ति याद कीजिए, जिसका अनावरण करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोयम्बतूर पहुंचे थे. इस मूर्ति पर खूब बवाल हुआ था. कहते हैं कि इसे बनाने और स्थापित करने में पर्यावरण के कई नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं थीं.

ये तो हुआ इनका परिचय.
अब बात इनके ब्लंडर के बारे में.
सदगुरु ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया. जिसमें एक हाथी सॉफ्ट ड्रिंक के ख़ाली कैन डस्टबिन में डालता नज़र आ रहा है. बाबा ने ऊपर कैप्शन में लिखा, ‘स्वच्छ भारत अभियान सही में तेज़ी पर है. प्रधानमंत्री को बधाइयां.’ और तो और उन्होंने इस वीडियो में नरेंद्र मोदी जी को टैग भी कर दिया.
अब इंटरनेट की फुरसतिया जमात तो हमेशा एक्टिव रहती है. भाई लोगों ने फुल तहकीकात की वीडियो की और असली वाले तक पहुंच गए. पता चला कि वीडियो साउथ अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क का है और ढाई साल पुराना है. वहां के सीसीटीवी कैमरे पर ये रिकॉर्ड हुआ था. जिसे यूट्यूब पर अब तक करीब 60 लाख लोग देख चुके हैं.
ये रहा असली वीडियो:
जब वीडियो के बारे में लोग बातें करने लगे, तो बाबा जग्गी वासुदेव ने इसे फिर से पोस्ट किया और लिखा कि वो मज़ाक कर रहे थे.

लेकिन इससे पहले एक और ब्लंडर हो चुका था. मोदी सरकार के मंत्री किरण रिजिजू और भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा इसे रिट्वीट कर चुके थे अपने अकाउंट से. जब लोगों ने खिल्ली उड़ानी शुरु कर दी, तो उन्होंने हटा दिया. लेकिन इस स्क्रीनशॉट के ज़माने में आप इंटरनेट पर लिखा कुछ भी पूरी तरह गायब कर ही नहीं सकते. ये रहे उसके स्क्रीन शॉट्स.

सदगुरु जग्गी वासुदेव ने ये वीडियो मज़ाक में पोस्ट किया था या नहीं, ये तो वहीं जानते हैं. लेकिन उनके चक्कर में भाजपा के इन दो धुरंधरों का मज़ाक ज़रूर बन गया. इसीलिए कहते हैं कि कुछ भी शेयर करने से पहले खूब तसल्ली कर लो कि माल असली है भी या नहीं.
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