विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने अपने अमेरिकी दौरे के आखिरी दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और मनमोहन सिंह को याद किया. एस जयशंकर ने राजीव गांधी के 1985 और मनमोहन सिंह के 2005 में की गई अमेरिकी दौरे की तुलना प्रधानमंत्री मोदी के दौरों से की है. जयशंकर 22 से 30 सितंबर तक नौ दिन के अमेरिका दौरे पर थे.
एस जयशंकर को अमेरिका में क्यों याद आए राजीव गांधी और मनमोहन सिंह?
जयशंकर ने अपने अमेरिकी दौरे के आखिरी दिन कहा कि भारत-अमेरिका के संबंध अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं. ये द्विपक्षीय संबंध चंद्रयान की तरह चांद पर और उसके भी पार पहुंचेंगे.
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दौरे के आखिरी दिन वॉशिंगटन डीसी में भारतीय विदेश मंत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा,
''लोग 1985 में राजीव गांधी की अमेरिकी यात्रा को याद करते हैं. उस समय मैं अमेरिका में ही था. 2005 में जब मनमोहन सिंह का दौरा हुआ था, तब भी मैं अमेरिका में मौजूद था. लोग पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा को भी याद करते हैं. लेकिन ये अलग था. इसका दायरा ही अलग था. अगर मुझसे पूछेंगे कि क्या बदला है? तो मैं कहूंगा कि पहले हम अमेरिका से सौदा किया करते थे, लेकिन अब दोनों देश मिलकर काम करते हैं.''
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जयशंकर ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उन्हें और आगे तक लेकर जाएगी. विदेश मंत्री के मुताबिक, ये द्विपक्षीय संबंध चंद्रयान की तरह चांद पर और उसके भी पार पहुंचेंगे.
जयशंकर ने भारत में हाल ही हुई G20 बैठक की सफलता के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा,
कनाडा पर बरसे थे जयशंकर''अमेरिका के सहयोग के बिना G20 का सफल आयोजन संभव नहीं हो सकता था. जब चीजें अच्छी होती हैं, तो हमेशा मेजबान देश को इसका श्रेय मिलता है. यह उचित भी है, लेकिन यदि G20 के सभी सदस्य देश इस आयोजन की सफलता के लिए काम नहीं करते, तो यह संभव नहीं था.''
इससे पहले कनाडा के साथ जारी विवाद को लेकर जयशंकर ने कहा था कि आतंकवादियों और चरमपंथियों के लिए कनाडा का रवैया “उदार” है. अमेरिका में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों को जो छूट मिली हुई है, उस पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने बताया ये लोग खुले तौर पर हिंसा की वकालत करते हैं. उनके मुताबिक, कनाडा और भारत के बीच तनाव इन्हीं मुद्दों से उपजा है.
जयशंकर ने अपने दौरे पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से भी मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों के बीच तमाम मुद्दों पर बात हुई. इसमें G20 की उपलब्धियां और नए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर, आगामी 2+2 मीटिंग (रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की साझा बैठक) जैसे मुद्दे शामिल रहे थे.

















