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स्मृति से खफा 10 दलित प्रोफेसरों ने छोड़े एडमिनिस्ट्रेटिव पद

रोहित वेमुला सुसाइड केस: नाराज प्रोफेसर बोले- झूठ फैला रही हैं स्मृति ईरानी.

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फोटो - thelallantop
रोहित वेमुला सुसाइड केस में हैदराबाद यूनिवर्सिटी के 10 दलित प्रोफेसरों ने गुरुवार को एडमिनिस्ट्रेटिव पदों से इस्तीफा दे दिया. इसके पीछे उन्होंने एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी के बयान को वजह बताया है. ईरानी ने कहा था कि मामला दलित बनाम गैर दलित का नहीं है और हॉस्टल वॉर्डन के पास छात्रों को निकालने का हक है. https://twitter.com/ANI_news/status/689999141485830144 https://twitter.com/ANI_news/status/690003984774533121?ref_src=twsrc%5Etfw स्टूडेंट्स के साथ है फैकल्टी एससी/एसटी टीचर्स और अधिकारियों की फोरम ने कहा, 'ईरानी गुमराह कर रही हैं. दलित फैकल्टी स्टूडेंट्स के साथ है. ईरानी के मनगढ़ंत बयानों के विरोध में हम अपनी पोस्ट से रिजाइन कर रहे हैं. हम रोहित की मौत के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स के साथ हैं.' PRESS RELEASE स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा था कि रोहित के सुसाइड नोट में किसी का नाम नहीं था और मामले पर राजनीति की जा रही है. https://twitter.com/ANI_news/status/689755805399252992 क्या था मामला? रोहित समेत पांच दलित स्टूडेंट्स को हैदराबाद यूनिवर्सिटी हॉस्टल से एबीवीपी स्टूडेंट लीडर से भिड़ने के आरोप में निकाला गया था. रोहित पर ABVP लीडर नंदनम सुशील कुमार के साथ मारपीट का आरोप था. जिसके बाद नंदनम का ऑपरेशन भी हुआ था. लेकिन 'द इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, सुशील नंदनम का ऑपरेशन अपेंडिक्स का हुआ था और रिपोर्ट में बाहरी चोट का जिक्र नहीं था. ऐसे में ABVP लीडर नंदनम सुशील कुमार के चोट के ऑपरेशन के दावे पर सवाल उठने लगे हैं.

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