पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता शरद यादव का 75 साल की उम्र में निधन हो गया (Sharad Yadav Passed Away). उनकी बेटी सुभाषिनी शरद यादव ने ट्विटर पर निधन की जानकारी दी. शरद यादव को इमरजेंसी की स्थिति में गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका पल्स काम नहीं कर रहा था. 12 जनवरी को रात करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.
PM मोदी बोले- 'मैं हमेशा संजोकर रखूंगा यादें', शरद यादव के निधन पर नेताओं ने जताया शोक
राहुल गांधी ने कहा- 'मैंने उनसे बहुत सीखा'


शरद यादव के निधन पर राजनीति से जुड़े कई लोगों ने शोक जताया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया-
शरद यादव जी के निधन से दुख हुआ. सालों के अपने सार्वजनिक जीवन में, उन्होंने खुद पर सांसद और मंत्री पद को हावी नहीं होने दिया. वे डॉ लोहिया (राम मनोहर लोहिया) के आदर्शों से प्रेरित थे. हमारे बीच बातचीत को मैं हमेशा याद रखूंगा. उनके परिवार और समर्थकों को मेरी संवेदना.
RJD अध्यक्ष लालू यादव ने सिंगापुर से वीडियो ट्वीट किया. लालू यादव वहां खुद अस्पताल में भर्ती हैं. उन्होंने लिखा,
अभी सिंगापुर में रात के समय शरद भाई के जाने का दुखद समाचार मिला. बहुत बेबस महसूस कर रहा हूं. आने से पहले मुलाक़ात हुई थी और कितना कुछ हमने सोचा था समाजवादी व सामाजिक न्याय की धारा के संदर्भ में. शरद भाई...ऐसे अलविदा नहीं कहना था. भावपूर्ण श्रद्धांजलि!
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जताया शोक ने शोक जताते हुए लिखा -
वो विलक्षण प्रतिभा वाले महान समाजवादी नेता थे. उन्होंने वंचितों–शोषितों के दर्द को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया. उनका निधन समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति है. परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना अलग राज्य आंदोलन में शरद यादव के समर्थन को याद किया. उन्होंने शरद यादव के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा-
शरद यादव जी समाजवाद के पुरोधा होने के साथ एक विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है. उनके शोकाकुल परिजनों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. देश के लिए उनका योगदान सदा याद रखा जाएगा.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया-
वरिष्ठ नेता शरद यादव जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि. शरद जी मेरे अच्छे मित्र थे. वो संघर्षशील और गरीबों के हितों के लिए राजनीति करने वाले नेता थे, जयप्रकाश जी के नेतृत्व में इमरजेंसी के खिलाफ और उसके बाद जनता पार्टी में उनकी अहम भूमिका रही है. उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताते हुए लिखा-
एक दिग्गज राजनेता और बेहद सम्मानित सहयोगी. उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी. मैं प्रार्थना करती हूं कि उनके परिवार और अनुयायियों को दुख की इस घड़ी में सांत्वना और शक्ति मिले.
शरद यादव मध्य प्रदेश के रहने वाले थे. भारत की आजादी से ठीक पहले 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में उनका जन्म हुआ. हालांकि पिछले तीन दशकों से शरद यादव की राजनीति बिहार केंद्रित ज्यादा रही.
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