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कोहली को रोकने के लिए पोटिंग ने ऑस्ट्रेलिया को एक जरूरी बात बता दी है

कोहली की नेट प्रैक्टिस देखकर कंगारू हिल गए हैं.

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रिकी पोटिंग ने एक इंटरव्यू में ये सब कहा है.
इंडिया और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने हैं. 6 दिसंबर से पहला टेस्ट एडिलेड में शुरू हो रहा है. इस बीच विराट कोहली को लेकर पूरा ऑस्ट्रेलिया इस मंथन में लगा हुआ है कि आखिर भारतीय कप्तान के बल्ले को कैसे रोका जाए. क्या किया जाए जिससे कोहली का ऑस्ट्रेलिया की टीम पर कोहराम न मचे. ऐसे में जब से सोशल मीडिया पर कोहली की नेट प्रैक्टिस का ये वीडियो सामने आया है, मौजूदा टीम के साथ-साथ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी आने वाले  तूफान की आहट को भांप रहे हैं. पहले ये वीडियो देखिए और महसूस कीजिए कोहली के बल्ले से निकल रहे उस साउंड को जो मैच के दौरान रोंगटे खड़े करने वाला है- अब इसी बीच एक और वीडियो भी सामने आया है. ये है रिकी पोटिंग का. ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तान ने कोहली के बारे में कई बातें की हैं. एक वीडियो इंटरव्यू में जब पोटिंग से पूछा गया कि क्या उन्हें भी लगता है कि इस इंडियन टीम के पास कोहली जैसा प्लेयर है और उनके पास यहां सीरीज जीतने का सबसे अच्छा मौका है, पोटिंग ने कहा, "यकीनन, उनके पास ये मौका है. मगर जब वो घर से बाहर खेल रहे होते हैं, उनके ऊपर एक तरह का प्रेशर रहता है. मगर जहां तक विराट की बात है. ये वो क्रिकेटर है जिसने अपने घरेलू मैदानों के साथ साथ विदेशी दौरों पर भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है. उसके पीछे वो सफलताएं हैं जो इस बहुतों को नसीब नहीं होती हैं." साथ ही पोटिंग ने ये भी कहा कि कोहली को रोकने का एक ही तरीका है, "वो ये कि हम इस बात पर गौर करें कि बीते वक्त में हमने उसे कैसे आउट किया है. कोहली के खिलाफ सबसे ज्यादा सफल कौन रहा है. सबसे पहला नाम जो दिमाग में आता है, वो है जेम्स एंडरसन का. उसी ने कोहली को सबसे ज्यादा परेशान किया है. कोहली को गेंदबाजी करने का एक ही उसूल है कि उसे लगातार उन एरियाज में गेंद फेंके जहां वो शुरुआत में असहज महसूस करता है. कोहली को आउट करने के सबसे ज्यादा चांस थर्ड मैन पर कैच के बनते हैं." पोटिंग के मुताबिक बीती इंडिया-इंग्लैंड की सीरीज देखने लायक थी. "यहां कोहली की इमोशन्स बाहर निकल कर आ रही थीं. ये देखना इंटरेस्टिंग होता है जब वो अच्छा प्रदर्शन करके अपने गुस्से और खुशी को जाहिर करते हैं. मगर बतौर कप्तान उन्हें इस तरह की इमोशन्स पर काबू रखना चाहिए और शायद वो ये सीख भी रहे हैं. मैंने मिचेल जॉनसन के साथ कोहली का टकराव देखा है. मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में खेलते हुए ये होता ही है कि आपस में कुछ कुछ बात हो. यही ऑस्ट्रेलियन्स के खेलने का तरीका है. कोहली ने भी मजबूत बॉडी लैंग्वेज से उसका जवाब दिया था. मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई टीम सिर्फ मुंह ही नहीं चलाती है, वो अपनी स्किल और अच्छे खेल के दम पर मुंह चलाने में विश्वास करती है." इंडिया की तरफ से पहले टेस्ट के लिए 12 लोगों की टीम का ऐलान हो चुका है.

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