5.जिन लोगों के बयान लिए गए उनको हिरन के खून की गंध 2 अक्टूबर को आई थी! 6.7 अक्टूबर को जब वन विभाग ने जिप्सी की तलाशी ली तो छर्रे नहीं मिले. पर 10 अक्टूबर को पुलिस ने उसी गाड़ी से छर्रे ढूंढ निकाले. 7.फिर 10 अक्टूबर को तलाशी के दौरान उसी पुलिस को कोई हथियार नहीं मिला. पर 12 अक्टूबर को हथियार मिल गए! 8.इसके बाद भी ये तय नहीं हो पाया कि हिरन का शिकार किस हथियार से हुआ था. 9.पोस्टमॉंर्टम रिपोर्ट में ये नहीं पता चल पाया कि हिरन को चाक़ू से ही काटा गया था या किसी और चीज से. 10. फिर जिप्सी से जो छर्रे मिले हैं वो सलमान और सैफ के पास मिली बन्दूक के छर्रों से अलग हैं. सल्लू और सैफ के पास मिले छर्रे ऐसे हैं जिससे खरगोश तो मारा जा सकता है पर हिरन नहीं. वो 10 वजहें जो सल्लू को दुनिया की किसी भी कोर्ट से बरी करवा देंगी
पुलिस और रिपोर्ट का खेल बड़ा ही रोचक है.
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फोटो - thelallantop
सलमान खान की रिहा होने की वो 10 वजहें जिनकी बदौलत सरकार किसी भी कोर्ट में जाए, सल्लू भाई को छोड़ना ही पड़ेगा- 1.किस जगह हिरन का शिकार हुआ, ये तय नहीं हो पाया 18 सालों में. 2.किसी भी हिरन का कंकाल नहीं मिला. तो पता कैसे चलेगा कि हिरन मारा भी था कि नहीं? 3. 12 ओर 13 अक्टूबर 1998 को हिरन के खून के नमूने सलमान की जिप्सी से लिए गए. पर शिकार 26 सितम्बर 1998 को हुआ था. होटल और जिप्सी मालिक के अनुसार गाड़ी की धुलाई रोज़ होती है. फिर इतने दिनों बाद ख़ून के निशान कैसे मिल गए? ये तो जोधपुर पुलिस ही बता सकती है! 4.होटल ओर जिप्सी में मिले हिरन के खून के नमूनों को कभी मिलाया ही नहीं गया. मान लिया गया कि दोनों एक ही हैं. फिर बाद में कह दिया गया कि मिलाया ही नहीं गया है तो ये सबूत कैसे हुआ?
5.जिन लोगों के बयान लिए गए उनको हिरन के खून की गंध 2 अक्टूबर को आई थी! 6.7 अक्टूबर को जब वन विभाग ने जिप्सी की तलाशी ली तो छर्रे नहीं मिले. पर 10 अक्टूबर को पुलिस ने उसी गाड़ी से छर्रे ढूंढ निकाले. 7.फिर 10 अक्टूबर को तलाशी के दौरान उसी पुलिस को कोई हथियार नहीं मिला. पर 12 अक्टूबर को हथियार मिल गए! 8.इसके बाद भी ये तय नहीं हो पाया कि हिरन का शिकार किस हथियार से हुआ था. 9.पोस्टमॉंर्टम रिपोर्ट में ये नहीं पता चल पाया कि हिरन को चाक़ू से ही काटा गया था या किसी और चीज से. 10. फिर जिप्सी से जो छर्रे मिले हैं वो सलमान और सैफ के पास मिली बन्दूक के छर्रों से अलग हैं. सल्लू और सैफ के पास मिले छर्रे ऐसे हैं जिससे खरगोश तो मारा जा सकता है पर हिरन नहीं.
5.जिन लोगों के बयान लिए गए उनको हिरन के खून की गंध 2 अक्टूबर को आई थी! 6.7 अक्टूबर को जब वन विभाग ने जिप्सी की तलाशी ली तो छर्रे नहीं मिले. पर 10 अक्टूबर को पुलिस ने उसी गाड़ी से छर्रे ढूंढ निकाले. 7.फिर 10 अक्टूबर को तलाशी के दौरान उसी पुलिस को कोई हथियार नहीं मिला. पर 12 अक्टूबर को हथियार मिल गए! 8.इसके बाद भी ये तय नहीं हो पाया कि हिरन का शिकार किस हथियार से हुआ था. 9.पोस्टमॉंर्टम रिपोर्ट में ये नहीं पता चल पाया कि हिरन को चाक़ू से ही काटा गया था या किसी और चीज से. 10. फिर जिप्सी से जो छर्रे मिले हैं वो सलमान और सैफ के पास मिली बन्दूक के छर्रों से अलग हैं. सल्लू और सैफ के पास मिले छर्रे ऐसे हैं जिससे खरगोश तो मारा जा सकता है पर हिरन नहीं. Add Lallantop as a Trusted Source

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