पिछले कई दिनों से दी लल्लनटॉप आपको सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से सावधान कर रहा है. हमने आपको चाकुओं से गुदी उस लाश के वीडियो की सच्चाई
बताई, जिसे जुनैद का बताया जा रहा था. हमने आपको योगी आदित्यनाथ की उस फोटो का सच
बताया, जिसमें उन्हें सार्वजनिक तौर पर गोमूत्र पीते दिखाया गया था. हमने आपको नरेंद्र मोदी के उस कार्टून की सच्चाई
बताई, जिसमें वो अपनी 56 इंची छाती से मीडिया को दूध पिला रहे थे.
पिल्ले को कुचलती तीन लड़कियों के वायरल वीडियो की असलियत
हमारे कई रीडर्स ने इस वीडियो के बारे में हमसे पूछा.


लेकिन आज हम आपको किसी वीडियो की सच्चाई नहीं बता रहे हैं . आज हम आपको एक वीडियो के बारे में सिर्फ बता रहे हैं.
दी लल्लनटॉप के ढेर सारे रीडर्स पिछले कई दिनों से हमें एक वीडियो भेज रहे हैं. वीडियो एक पिल्ले का, जिसे तीन लड़कियां बेरहमी से मार रही हैं. नंगे पैर खड़ी ये लड़कियां कभी पिल्ले पर चढ़ जाती हैं, कभी उसे लात मारती हैं. वो भागता है, तो उसे उठाकर फिर से अपने बीच ले आती हैं.
ढेर सारे रीडर्स, जिन्हें वॉट्सऐप पर ये वीडियो मिला, वो इसकी असल कहानी जानना चाहते हैं. एक रीडर ने तो ये भी पूछा कि ये कॉस्मेटिक बनाने के मकसद से पिल्ले को मार रहे हैं या किसी अंधविश्वास की वजह से ऐसा कर रहे हैं.






वीडियो के बारे में जानकारी इकट्ठा करने से पहले हमने वीडियो भेजने वाले अधिकतर रीडर्स से पूछा कि उन्हें ये वीडियो कहां से मिला, तो सबने वॉट्सऐप ही बताया. एक रोचक बात ये कि इन सभी को इस वीडियो के साथ एक जैसा मेसेज मिला. पढ़िए वो मेसेज-
'दोस्तों ईनसानीयत के नाते आपसे हाथ जोड़कर विनती है की यह विड़ीयो ज्यादा से ज्यादा गरूपो में भेजना है कल शाम तक हरेक नयुज चैनल में आना चाहिए'
ये वीडियो लोगों ने सबसे पहले 2013 में देखा था. तब ये पहली बार इंटरनेट पर आया था और पहले पोस्ट को करीब 50 हजार लोगों ने शेयर किया था. दरअसल ये वीडियो फिलीपींस का है. इन तीनों लड़कियों को ये वीडियो बनाने के लिए पैसे दिए गए थे. असल में ये वीडियो करीब 20 मिनट का था, लेकिन अभी इंडिया में इसका जो हिस्सा वायरल हो रहा है, वो करीब पांच मिनट का है.

पिल्ले को कुचलने वाली लड़कियां
ये एक वीडियो नहीं, बल्कि एक मार्केट है. जानवरों को इस तरह टॉर्चर करके मारने के ऐसे वीडियोज को 'क्रश वीडियोज़' (Crush Video) कहते हैं. यूट्यूब पर संभवत: आपको ऐसे कुछ वीडियो मिल जाएंगे. जिन लोगों को ऐसे वीडियो देखकर खुशी मिलती है, वो इनके लिए मोटी रकम चुकाते हैं. इन 'क्रश वीडियो' में जानवरों को तड़पा-तड़पाकर मारा जाता है. देखने वाले पैसे देते हैं, बनाने वालों को पैसे मिलते हैं.

एक खरगोश को टॉर्चर करते लोग
2013 में जब ये वीडियो वायरल हुआ था, तब फिलीपींस एनिमल वेलफेयर सोसायटी (PAWS) ने इन तीनों लड़कियों की खोज शुरू कर दी थी. अरेस्ट होने के बाद इन लड़कियों ने बताया कि किसी कपल ने इन्हें वीडियो बनाने के लिए पैसे दिए थे. कुछ ही दिनों में डोरमा और विसेंट रिडॉन नाम के उन दो लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्होंने लड़कियों से वीडियो बनवाया था.
जांच के दौरान पता चला कि इस कपल के लिए ये कोई नई चीज नहीं थी. वो इससे पहले भी लोगों को पैसे देकर इस तरह के ढेर सारे वीडियो शूट करवा चुका है, जैसे जिंदा खरगोश को जलाना, जिंदा रहते ही उनकी खाल उतार लेना, कुत्तों को रॉड से जलाना, बंदर और कुत्तों की आंखों में रॉड भोंक देना. फिलीपींस की कोर्ट में ये केस PETA की तरफ से लड़ा गया था, जिसमें इस कपल पर भारी जुर्माना लगाते हुए दोनों को मौत की सजा सुनाई गई थी.

फिलीपींस के कानून में जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता और चाइल्ड अब्यूज को एक साथ रखा गया है. जिन दोनों को मौत की सजा सुनाई गई थी, वो 2009 से ऐसे वीडियोज बनवा रहे थे और इन्हें अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया, मलयेशिया और ब्रिटेन समेत कई देशों में बेचते थे. दुनिया के ढेर सारे देशों में अब भी ये सब चोरी-छिपे हो रहा है.
आइए, आपको सोशल मीडिया की कुछ अफवाहों की सच्चाई बताते हैं:
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